मणिपुर में सुरक्षाबलों ने नशे के खिलाफ की बड़ी कार्रवाई, अफीम की अवैध खेती को किया नष्ट!
मणिपुर के कांगपोकपी जिले से एक बड़ी नशा विरोधी कार्रवाई की खबर सामने आई है। सुरक्षाबलों ने यहां छुपकर की जा रही अफीम की खेती को नष्ट किया, जिससे इलाके में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। यह कार्रवाई मणिपुर पुलिस की नशे के खिलाफ जारी मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य भर में लगातार छापेमारी और नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कांगपोकपी के सेहजंग गांव में कुछ लोग चोरी छिपे अफीम की खेती कर रहे थे, जिसे लेकर सुरक्षाबलों को जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस, सीआरपीएफ और असम राइफल्स के जवानों ने संयुक्त रूप से छापेमारी की और करीब छह एकड़ में फैली अवैध अफीम की खेती को नष्ट कर दिया। साथ ही, एक टिन शेड के स्टोर रूम में रखी गई अफीम को भी जब्त किया गया और उसे आग लगाकर नष्ट कर दिया गया।
इस कार्रवाई को लेकर पुलिस ने कहा कि अफीम एक महंगा नशा है, और यह न केवल युवाओं को नशे की लत में डालता है, बल्कि इलाके में आतंक फैलाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। सुरक्षाबलों ने आरोप लगाया कि अफीम की खेती करने वाले लोग इसे बेचकर प्राप्त पैसों का इस्तेमाल स्थानीय हिंसा और अपराधों को बढ़ावा देने के लिए कर रहे थे। पुलिस और सुरक्षाबल इस दिशा में निरंतर कार्रवाई करते हुए नशे के कारोबार को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं।
इससे पहले, 31 जनवरी को भी मणिपुर के नोनी जिले में पुलिस ने मुख्यमंत्री के आदेश पर 4.49 एकड़ में फैली अफीम की अवैध खेती को नष्ट किया था। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वे नशे के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू कर रहे हैं और इस तरह के अभियानों के जरिए युवाओं को नशे से बचाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।
मणिपुर पुलिस की यह कार्रवाई अब राज्य के अन्य इलाकों में भी नशे के खिलाफ एक चेतावनी के रूप में सामने आ रही है, जहां नशे की खेती और कारोबार लगातार बढ़ रहे हैं। सुरक्षाबल अब इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए और अधिक कड़े कदम उठाने की योजना बना रहे हैं, ताकि मणिपुर को नशे से मुक्त किया जा सके और इलाके में शांति स्थापित हो सके।
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