नई दिल्ली – साल 2025 का चौथा बड़ा मंगल बेहद खास होने जा रहा है। जेष्ठ माह की आस्था और धार्मिक शक्ति से भरे इस पावन दिन को लेकर श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह है। लेकिन इस बार का बड़ा मंगल सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि कई शुभ संयोगों और चमत्कारी प्रभावों से जुड़ा है। यदि इस दिन श्रद्धा से बजरंग बाण का पाठ किया जाए, तो कहा जाता है कि बजरंगबली स्वयं अपने भक्त की पीड़ा हर लेते हैं। यह दिन संकटमोचन की कृपा पाने का अद्भुत अवसर बन सकता है।
कब पड़ेगा चौथा बड़ा मंगल?
वेदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर साल 2025 का चौथा बड़ा मंगल मनाया जाएगा। यह तिथि 2 जून की रात 8:35 बजे शुरू होगी और 3 जून की रात 9:56 बजे समाप्त होगी। यानी 3 जून को बड़े मंगल का पावन पर्व बड़े श्रद्धा भाव से मनाया जाएगा। इस दिन धूमावती जयंती और मासिक दुर्गाष्टमी का संयोग भी पड़ रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
क्यों खास होता है बड़ा मंगल?
सनातन परंपरा में बड़ा मंगल को हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्ति का दिन माना गया है। बुढ़वा मंगल के नाम से लोकप्रिय यह पर्व ज्येष्ठ महीने के हर मंगलवार को मनाया जाता है, लेकिन चौथा मंगल विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। इस दिन भक्त हनुमान मंदिरों में दर्शन करने, भंडारा आयोजित करने, और विशेष रूप से बजरंग बाण का पाठ करने का संकल्प लेते हैं।
बजरंग बाण: संकटों का विनाशक पाठ
मान्यता है कि “बजरंग बाण” का श्रद्धा से पाठ करने से भूत-प्रेत, डर, दरिद्रता, रोग और बाधाएं तुरंत दूर हो जाती हैं। यह पाठ एक तरह का शक्ति-संचार है, जो व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत करता है। विशेषकर बड़े मंगल के दिन इस पाठ का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। इसमें हनुमान जी को संकट हरने वाले और अपने भक्त के रक्षक रूप में स्मरण किया जाता है।
पाठ की पंक्तियाँ जैसे—
“गदा बज्र लै बैरिहिं मारो। महाराज प्रभु दास उबारो।”
या
“यह बजरंग बाण जो जापै, ताते भूत-प्रेत सब कापैं।”
यह स्पष्ट करती हैं कि यह केवल धार्मिक पंक्तियाँ नहीं बल्कि आत्मबल और विश्वास का प्रतीक भी हैं।
क्या करें इस बड़े मंगल पर?
सुबह उठकर स्नान कर लाल वस्त्र धारण करें।
हनुमान जी को लाल चोला, सिंदूर, लड्डू और केले का भोग लगाएं।
बजरंग बाण का पूरे ध्यान और श्रद्धा से पाठ करें।
भंडारा करें या जरूरतमंदों को भोजन कराएं।
3 जून को आने वाला चौथा बड़ा मंगल सिर्फ एक और मंगलवार नहीं, बल्कि एक ऐसा शुभ योग है जो जीवन की तमाम मुश्किलों से मुक्ति दिला सकता है। अगर आप लंबे समय से किसी संकट से जूझ रहे हैं, मनोकामना पूरी नहीं हो रही या शांति की तलाश है, तो इस दिन बजरंग बाण का पाठ अवश्य करें। यह मौका है संकटमोचन से सीधा जुड़ने का। क्या आप तैयार हैं उस कृपा को अनुभव करने के लिए?