May 1, 2026

SIR पर चुनाव आयोग से टकराईं ममता बनर्जी, पत्र लिखकर लगाए गंभीर आरोप, प्रक्रिया को बताया अमानवीय और लोकतंत्र के लिए खतरनाक

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर भारत निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि SIR के नाम पर आम नागरिकों को लगातार परेशान किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने इस पूरी प्रक्रिया को असंवेदनशील, यांत्रिक और मानवीय दृष्टिकोण से विहीन बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की नींव से जुड़ी इस प्रक्रिया में इंसानियत का घोर अभाव दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में दावा किया कि SIR के दौरान डर, धमकी और बिना योजना के काम के अत्यधिक दबाव के चलते अब तक 77 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 4 आत्महत्या के प्रयास और 17 लोगों के बीमार होकर अस्पताल में भर्ती होने की घटनाएं सामने आई हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि जो प्रक्रिया मतदाता सूची को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई थी, वह अब आम लोगों के लिए भय और पीड़ा का कारण बन गई है, जो बेहद चिंताजनक है।

ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि SIR के तहत कई प्रतिष्ठित और सम्मानित नागरिकों को भी अपमानजनक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि 90 वर्ष से अधिक उम्र के नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अमर्त्य सेन से भी अपनी पहचान साबित करने को कहा गया, जो बेहद शर्मनाक है। इसके अलावा कवि जॉय गोस्वामी, सांसद व अभिनेता दीपक अधिकारी, क्रिकेटर मोहम्मद शमी और भारत सेवाश्रम संघ के महाराज जैसे लोगों को भी इसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। मुख्यमंत्री ने इसे सामाजिक संवेदनशीलता की कमी का बड़ा उदाहरण बताया।

पत्र में ममता बनर्जी ने महिलाओं के साथ हो रहे व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शादी के बाद उपनाम बदलने वाली महिला मतदाताओं को बार-बार पहचान साबित करने के लिए बुलाया जा रहा है, जो महिलाओं और असली मतदाताओं का अपमान है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई संवैधानिक संस्था देश की आधी आबादी के साथ ऐसा व्यवहार कर सकती है। इसे उन्होंने खुले तौर पर उद्दंडता करार दिया।

मुख्यमंत्री ने ऑब्ज़र्वर और माइक्रो-ऑब्ज़र्वर की नियुक्ति पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना प्रशिक्षण के लोगों को संवेदनशील काम सौंपा जा रहा है और कई ऑब्ज़र्वर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आम नागरिकों को देशद्रोही तक कह रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि जब पुलिस पहले से ही गंगासागर मेले जैसी बड़ी व्यवस्थाओं में व्यस्त है, तब ऐसे ऑब्ज़र्वर को सुरक्षा देना राज्य पर अनावश्यक दबाव डालने जैसा है। उन्होंने SIR प्रक्रिया में राजनीतिक पक्षपात के आरोप भी लगाए और इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!