April 17, 2026

डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत पर नया खुलासा, यात्रा योजना बदलने के पीछे मंत्रालय की फाइल बताई गई वजह

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार के 28 जनवरी को हुए निधन के बाद उनकी मौत को लेकर लगातार नए सवाल सामने आ रहे हैं। अब इस मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता प्रमोद हिंदूराव ने एक चौंकाने वाला दावा किया है, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हिंदूराव के मुताबिक, अजित पवार मूल रूप से सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले थे, लेकिन मंत्रालय में लंबित एक महत्वपूर्ण फाइल पर हस्ताक्षर करने के कारण उनकी यात्रा योजना अचानक बदल गई और बाद में वे निजी विमान से रवाना हुए, जिसके बाद वे दुखद हादसे का शिकार हो गए।

प्रमोद हिंदूराव ने बताया कि घटना वाले दिन अजित पवार पहले सड़क मार्ग से मुंबई से पुणे और फिर बारामती जाने की तैयारी में थे। उन्होंने अपने सफर के लिए बैग भी गाड़ी में रखवा दिया था और उनका काफिला भी तैयार हो चुका था। इसी दौरान उन्हें प्रफुल पटेल का फोन आया, जिसमें मंत्रालय में लंबित एक अहम फाइल पर उनके हस्ताक्षर की जरूरत बताई गई। इस सूचना के बाद अजित पवार ने अपनी यात्रा टाल दी और मुंबई स्थित अपने बंगले पर रुककर फाइल का इंतजार करने लगे। बताया जा रहा है कि इसी देरी के कारण बाद में उन्होंने सड़क मार्ग से जाने का फैसला रद्द कर निजी विमान बुक कराया।

हिंदूराव के इस बयान ने अजित पवार की मौत से जुड़े घटनाक्रम को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि अगर मंत्रालय की फाइल में देरी न होती तो संभवतः यात्रा का माध्यम नहीं बदलता और घटनाक्रम अलग हो सकता था। इस खुलासे के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर वह कौन सी फाइल थी और उसकी वजह से यात्रा योजना में बदलाव क्यों हुआ। इस मामले में प्रशासनिक प्रक्रियाओं और निर्णयों की टाइमिंग को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

अजित पवार के निधन के बाद से ही उनकी मृत्यु को लेकर विभिन्न राजनीतिक नेताओं द्वारा बयान सामने आते रहे हैं। इससे पहले अजित पवार गुट के विधायक अमोल मिटकरी और रोहित पवार भी इस मामले में सवाल उठा चुके हैं। वहीं, प्रमोद हिंदूराव का एक पुराना वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं। इन बयानों के सामने आने के बाद विपक्ष और सत्तारूढ़ दल दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है।

कल्याण में आयोजित एक शोकसभा के दौरान दिए गए हिंदूराव के बयान ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस खुलासे के बाद मामले की गहन जांच की मांग तेज हो सकती है, ताकि यात्रा योजना में बदलाव के कारणों और घटनाक्रम की पूरी सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल अजित पवार की मौत को लेकर उठ रहे सवालों ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में इस मामले पर और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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