April 17, 2026

महाकुंभ ने न केवल आस्था बल्कि यूपी की अर्थव्यवस्था में भी मचाई धूम, जानिए कितने करोड़ का हुआ कारोबार

उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी प्रयागराज में 144 साल बाद आयोजित हुआ महाकुंभ बुधवार (26 फरवरी) को महाशिवरात्रि के साथ समापन हो गया। 45 दिनों तक चलने वाला यह ऐतिहासिक महाकुंभ धार्मिक आस्था का सबसे बड़ा समागम तो था ही, साथ ही साथ यह अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी बड़ा लाभकारी साबित हुआ है। यह महाकुंभ ना केवल आस्था का पर्व था, बल्कि इसकी वजह से कई व्यापारिक क्षेत्रों में भी अभूतपूर्व उछाल आया, जिससे उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को एक नई दिशा मिली है।

100 से अधिक देशों से पहुंचे श्रद्धालु

इस महाकुंभ के दौरान लगभग 100 से अधिक देशों से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे। इन श्रद्धालुओं की संख्या ने न केवल धार्मिक महत्व को बढ़ाया बल्कि अन्य व्यापारिक क्षेत्रों जैसे ट्रांसपोर्ट, हॉस्पिटैलिटी, और टूरिज्म में भी अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई। इस दौरान हर क्षेत्र में कारोबार में बढ़ोतरी हुई, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को तगड़ा फायदा हुआ।

महाकुंभ: आस्था और अर्थव्यवस्था का संगम

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ की महत्ता पर जोर देते हुए कहा, “दुनिया उत्तर प्रदेश की जो क्षमता देख रही है, उसे महाकुंभ मेले से जोड़ा जा सकता है। अकेले महाकुंभ ने राज्य की अर्थव्यवस्था में 3 करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी की है। यह महाकुंभ यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा वरदान साबित हुआ है।” महाकुंभ के दौरान 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे और संगम में डुबकी लगाई, जो उम्मीद से दोगुना था।

4 लाख करोड़ का कारोबार

महाकुंभ ने सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि व्यापारिक दृष्टिकोण से भी यूपी की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त वृद्धि दी। Confederation of All India Traders (CAIT) के महासचिव और दिल्ली के चांदनी चौक लोक सभा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं ने न केवल प्रयागराज बल्कि काशी, अयोध्या और चित्रकूट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल भी यात्रा की। इसके परिणामस्वरूप इन ऐतिहासिक स्थानों में कुल कारोबार 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हुआ।

खण्डेलवाल ने बताया, “हमारा आकलन है कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज, अयोध्या, काशी, चित्रकूट और मिर्जापुर में कुल कारोबार 4 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा हुआ। वहीं, सिर्फ प्रयागराज में ही महाकुंभ के दौरान 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अर्थव्यवस्था खड़ी हुई है।”

यूपी सरकार को हुई भारी राजस्व प्राप्ति

महाकुंभ के दौरान यूपी सरकार को 25,000 से 30,000 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल हुआ है, जो राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मददगार साबित हुआ। राज्य के विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों में हुई इस भारी वृद्धि ने ना केवल स्थानीय व्यापारियों को लाभ पहुंचाया बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए।

महाकुंभ के प्रभाव

महाकुंभ ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती दी, बल्कि प्रदेश और देश की आर्थिक स्थिति में भी एक सकारात्मक बदलाव लाया। इस महाकुंभ ने साबित कर दिया कि आस्था और अर्थव्यवस्था का मेल किसी भी प्रदेश के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। महाकुंभ का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था, बल्कि इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश ने विश्व को अपनी समृद्धि और व्यापारिक क्षमता भी दिखाई।

समाप्त होने के बाद महाकुंभ ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दी है, और इस आयोजन का असर लंबे समय तक महसूस किया जाएगा।

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