April 22, 2026

प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं का सैलाब, 63 करोड़ से अधिक ने संगम में डुबकी लगाई!

प्रयागराज का महाकुंभ मेला इस वर्ष भी श्रद्धा और आस्था का सबसे बड़ा समागम बनकर सामने आया है। सोमवार, 25 फरवरी को 1.30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई, जिससे इस साल महाकुंभ में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 63 करोड़ को पार कर गई है। मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, महाकुंभ के आगमन के बाद से ही हर दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ संगम में स्नान करने के लिए उमड़ रही है और अनुमान है कि 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व तक यह संख्या 65 करोड़ के आंकड़े को पार कर सकती है।

महाशिवरात्रि के लिए पूरी तैयारी में प्रशासन

प्रयागराज के जिलाधिकारी रवींद्र मांदड़ ने महाशिवरात्रि पर्व को लेकर प्रशासन की तैयारियों के बारे में बताया कि इस दिन श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए सभी शिवालयों में स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा, “महाशिवरात्रि के अवसर पर स्नान करने आए श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए पूरी तैयारी की गई है। हर स्थान पर पुलिस बल की तैनाती की गई है और स्नान के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।”

अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं की भीड़

महाकुंभ मेले में केवल भारतीय ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालुओं का आगमन हुआ है। इस वर्ष 73 देशों के राजनयिकों और भूटान के नरेश नामग्याल वांगचुक समेत कई देशों के अतिथि अमृत स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचे। नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी के पवित्र जल में स्नान किया, और अब तक 50 लाख से अधिक नेपाली श्रद्धालुओं ने यहां स्नान किया है।

महाकुंभ के प्रमुख स्नान पर्व पर रिकॉर्ड भीड़

महाकुंभ के प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई। सबसे अधिक श्रद्धालु मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने पहुंचे, जहां करीब 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। इसके बाद मकर संक्रांति के अवसर पर 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने अमृत स्नान किया। इसके अलावा, एक फरवरी और 30 जनवरी को भी लगभग दो करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान करने पहुंचे। पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई, और बसंत पंचमी के दिन यह संख्या बढ़कर 2.57 करोड़ हो गई। माघी पूर्णिमा के पर्व पर भी 2 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान करने पहुंचे।

स्नानार्थियों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है

महाकुंभ का यह ऐतिहासिक पर्व हर दिन एक नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा है। श्रद्धालुओं का ये अद्भुत उत्साह और आस्था इस महाकुंभ के महत्व को और भी बढ़ा रहा है। मेला प्रशासन के अनुसार, 26 फरवरी तक यह आंकड़ा और भी बढ़ने की संभावना है। महाशिवरात्रि के पवित्र स्नान में और अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है, जिससे कुल स्नानार्थियों की संख्या 65 करोड़ को पार कर सकती है।

कुंभ का महत्व और प्रशासन की तैयारियां

प्रयागराज के महाकुंभ में शामिल होने के लिए श्रद्धालु पूरे देश और दुनिया से आते हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर प्रशासन ने हर पहलू पर खास ध्यान दिया है। सुरक्षा, स्वच्छता, और यातायात व्यवस्था के अलावा, श्रद्धालुओं के स्नान की सुविधाओं के लिए भी तमाम इंतजाम किए गए हैं। जिलाधिकारी रवींद्र मांदड़ ने कहा, “हमारे सभी प्रयास श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक स्नान अनुभव प्रदान करने के लिए हैं।”

महाकुंभ के इस अद्भुत आस्था समागम में दुनिया भर से आकर लाखों श्रद्धालुओं ने अपने पाप धोने और मोक्ष की प्राप्ति के लिए संगम में डुबकी लगाई। महाकुंभ का यह आयोजन न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में एक आस्था का प्रतीक बन चुका है, जो हर किसी के दिल में गहरी छाप छोड़ता है।

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