सीएम योगी का बड़ा बयान: महाकुंभ पर राजनीति करना है गलत, विपक्ष पर साधा निशाना, विरोधियों को दिया करारा जवाब
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ को लेकर इन दिनों राजनीति तेज हो गई है, जहां विपक्षी दल लगातार आयोजन पर सवाल उठा रहे हैं। इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ की भव्यता को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ पर राजनीति करना बिल्कुल भी उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सनातन धर्म के आयोजन को भव्यता से करना क्या कोई अपराध है? यदि ऐसा है, तो उनकी सरकार इस कार्य को अपराध समझकर करती रहेगी।
सीएम योगी ने विपक्ष पर किया हमला
सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब उनकी सरकार प्रदेश की 24-25 करोड़ जनता की सुरक्षा के लिए काम कर रही थी, तब वही लोग इस पर उपहास उड़ा रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में रामलाल की विराजमान की बात पर समाजवादी पार्टी ने विरोध किया था और अब वही पार्टी महाकुंभ पर सवाल उठा रही है। योगी ने शिवपाल यादव पर भी तंज कसते हुए कहा कि वे केवल पश्चिम की ओर जाते हैं, न कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों में भाग लेने के लिए आगे आते हैं।
कुंभ की आस्था और भव्यता को लेकर सीएम का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन को लेकर विपक्ष पर तीखा वार करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश के सभी लोगों को महाकुंभ की आस्था की डुबकी लगाने का अवसर दिया। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने यह अवसर सभी को दिया है। सभी को आस्था की डुबकी लगाने का मौका मिलना चाहिए।”
महाकुंभ के भव्य आयोजन को लेकर सीएम योगी ने कहा, “साल 2013 में महाकुंभ का आयोजन 55 दिनों तक हुआ था, जबकि इस बार यह 45 दिनों का है। हमने इसके क्षेत्र को 10,000 एकड़ से बढ़ाकर ज्यादा किया और पार्किंग के लिए 1,850 हेक्टेयर क्षेत्र की सुविधा दी।” इसके अलावा, 2013 में जहां पक्के घाटों का निर्माण नहीं हुआ था, वहीं इस बार 60 नए घाट और 14 फ्लाईओवर बनाए गए हैं।
जल की गुणवत्ता पर सीएम योगी का स्पष्टीकरण
महाकुंभ में पानी की गुणवत्ता को लेकर उठते सवालों पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जल के मानक तय हैं और उसे शुद्ध करने के बाद ही नदी में छोड़ा जाता है। उन्होंने कहा, “केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार संगम में स्नान करना सुरक्षित है। यह पुरानी रिपोर्ट के आधार पर चलाया जा रहा है। जो लोग इस पर दुष्प्रचार कर रहे हैं, वे सिर्फ संगम को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।”
विपक्ष का विरोध- सीएम योगी ने दिया करारा जवाब
सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि कोविड के दौरान भी विपक्ष ने उनकी सरकार का मजाक उड़ाया था। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि विपक्ष ने वैक्सीन को बीजेपी की वैक्सीन कहा था। अब कुंभ का विरोध करना उनकी मजबूरी बन चुकी है।
उन्होंने कहा, “2017 से पहले यूपी के लोग पहचान के संकट से जूझ रहे थे, लेकिन पिछले 8 सालों में यूपी की छवि पूरी तरह से बदल चुकी है और अब यूपी के लोग सम्मान से जी रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि 5 हजार साल पहले भी कुंभ का जिक्र पुराणों में मिलता है, और यह धार्मिक आयोजन भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।
वीआईपी कल्चर और महाकुंभ पर ममता-खरगे की आलोचना पर जवाब
महाकुंभ के आयोजन में वीआईपी कल्चर पर ममता बनर्जी और मल्लिकार्जुन खरगे की आलोचनाओं पर भी सीएम योगी ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी महाकुंभ को ‘मृत्युकुंभ’ बता रही हैं और खरगे हजारों मौतों का जिक्र कर रहे हैं, जबकि आयोजन की सफलता के रूप में यह एक ऐतिहासिक घटना है।
जया भादुरी के वीआईपी कल्चर पर दिए बयान पर भी सीएम योगी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “क्या महाकुंभ को भव्यता से करना कोई अपराध है? अगर ऐसा करना अपराध है, तो हमारी सरकार यह अपराध करती रहेगी।”
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान से यह साफ है कि महाकुंभ के आयोजन को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों और आलोचनाओं का जवाब देना उनके लिए जरूरी था। उन्होंने महाकुंभ के आयोजन को धर्म और आस्था से जोड़ते हुए विपक्षी दलों को कड़ी चुनौती दी है। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इस आयोजन को भव्यता और श्रद्धा के साथ करती रहेगी, क्योंकि यह भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।
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