सिंगरौली में कोयला ट्रक की चपेट में आने से दो लोगों की मौत के बाद भड़की हिंसा, 200 पुलिसकर्मी तैनात, स्थिति तनावपूर्ण!
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के बधौरा पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत अमिलिया घाटी में शुक्रवार को हुए हादसे के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कोयला लेकर जा रहे एक ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए बसों और डंपरों में आग लगा दी, जिससे इलाके में भारी बवाल मच गया। इस हिंसक विरोध को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और स्थिति को काबू में करने के लिए चार जिलों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है।
क्या था पूरा मामला?
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, सिंगरौली जिले के अमिलिया घाटी में महान एनर्जी कंपनी का एक कोयला ट्रक जा रहा था, तभी उसकी चपेट में आने से दो बाइक सवारों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद गुस्साए स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन स्थिति और भी बिगड़ गई। गुस्साई भीड़ ने वाहन तोड़ने के साथ-साथ पांच बसों और तीन डंपरों में आग लगा दी। इस हिंसा में कई कंपनी कर्मचारियों से मारपीट की गई।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव
स्थानीय पुलिस के मुताबिक, जैसे ही पुलिस उपद्रव को काबू करने के लिए मौके पर पहुंची, उन्हें भी ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिसमें थाना इंचार्ज का हाथ फ्रेक्चर हो गया। देर रात तक इलाके में उपद्रव की स्थिति बनी रही, लेकिन पुलिस ने अंततः स्थिति को काबू किया।
चार जिलों की पुलिस तैनात
घटना के बाद पुलिस ने अमिलिया घाटी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाई और चार जिलों के करीब 200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया। सिंगरौली, सीधी, रीवा और सतना जिलों की पुलिस फोर्स ने मिलकर इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। शनिवार सुबह जैसे ही स्थानीय दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोलने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें बंद करने का आदेश दे दिया। पुलिस अब जले हुए वाहनों को हटाने की तैयारी कर रही है और उपद्रवियों की पहचान के लिए जांच कर रही है।
ग्रामीणों का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आदानी ग्रुप की महान एनर्जी कंपनी द्वारा कोयला वाहनों की वजह से पिछले कुछ सालों में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस कंपनी का संचालन एस्सार ग्रुप कर रहा है और वे अब तक कई बार अपनी मांगों को लेकर कंपनी से लड़ाई लड़ चुके हैं। शुक्रवार को जब कोयला ट्रक से दो लोगों की मौत हुई, तो पुलिस ने बिना परिजनों को सूचित किए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यह घटना स्थानीय लोगों के लिए और भी ज्यादा गुस्से का कारण बनी।
प्रदर्शन और हिंसा
ग्रामीणों ने गड़ा खांड चौराहे और अमिलिया घाटी में सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इसी बीच, महान एनर्जी कंपनी की शिफ्ट बस कर्मचारियों को लेकर वहां से गुजरी, जिस पर गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बसों के शीशे तोड़ डाले और फिर पांच बसों और तीन डंपरों में आग लगा दी। इस घटना ने सिंगरौली में अफरातफरी का माहौल पैदा कर दिया।
पुलिस कार्रवाई और जांच
पुलिस ने घटनास्थल से जली हुई वाहनों को कब्जे में लिया और नंबर प्लेट के आधार पर वाहन मालिक की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, इलाके में हालात को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी रख रही है और इस पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है।
इस घटना के बाद सिंगरौली में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है, और पुलिस पूरी कोशिश कर रही है कि जल्द से जल्द हालात को सामान्य किया जा सके।
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