April 24, 2026

‘मेड इन इंडिया’ स्मार्टफोन ने दुनिया में मचाया धमाल, बना भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट प्रोडक्ट – पेट्रोलियम और हीरे को भी छोड़ा पीछे

भारत से स्मार्टफोन का निर्यात अब सिर्फ एक सेक्टर की बात नहीं, बल्कि यह ‘मेड इन इंडिया’ पहल की वैश्विक सफलता का प्रतीक बन चुका है। वित्त वर्ष 2025 में भारत ने 24.14 बिलियन डॉलर के स्मार्टफोन एक्सपोर्ट किए, जो पिछले साल के 15.57 बिलियन डॉलर के मुकाबले 55 प्रतिशत की बेमिसाल बढ़त है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ स्मार्टफोन अब भारत से सबसे अधिक निर्यात होने वाला उत्पाद बन चुका है, जिसने पेट्रोलियम उत्पादों और हीरे के एक्सपोर्ट को भी पीछे छोड़ दिया है।

अमेरिका बना सबसे बड़ा खरीदार

भारत के लिए सबसे बड़ा स्मार्टफोन एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन अमेरिका रहा, जहां अकेले 10.6 बिलियन डॉलर के स्मार्टफोन भेजे गए। यह आंकड़ा पिछले साल के 5.57 बिलियन डॉलर से लगभग दोगुना है। इसके अलावा नीदरलैंड ने भारत से 2.2 बिलियन डॉलर, इटली ने 1.26 बिलियन डॉलर, चेक गणराज्य ने 1.17 बिलियन डॉलर और जापान के टोक्यो ने 520 मिलियन डॉलर के स्मार्टफोन आयात किए। ये सभी आंकड़े भारत की टेक्नोलॉजी निर्माण क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती को दर्शाते हैं।

पीएलआई स्कीम और सरकार की नीतियों का असर

स्मार्टफोन एक्सपोर्ट में आई इस जबरदस्त तेजी के पीछे भारत सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम की अहम भूमिका रही है। इस स्कीम के तहत स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए न सिर्फ टैक्स में राहत दी गई, बल्कि देश में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया गया। इसके परिणामस्वरूप भारत में एप्पल जैसी दिग्गज कंपनियों ने चीन से हटकर अपने मैन्युफैक्चरिंग बेस को भारत में स्थानांतरित करना शुरू कर दिया।

मैन्युफैक्चरिंग लागत बढ़ी, फिर भी भरोसा कायम

हालांकि भारत में मैन्युफैक्चरिंग की लागत चीन की तुलना में 5 से 8 प्रतिशत तक अधिक है, फिर भी वैश्विक कंपनियों का भरोसा भारत पर लगातार मजबूत हुआ है। इसका कारण है भारत की स्थिर सरकार, कुशल श्रमिक बल, बेहतर लॉजिस्टिक सपोर्ट और मजबूत सप्लाई चेन। ये कारक भारत को एक भरोसेमंद स्मार्टफोन मेकिंग हब के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

‘मेड इन इंडिया’ की वैश्विक गूंज

भारत से हो रहा यह रिकॉर्ड स्मार्टफोन एक्सपोर्ट न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की सोच का भी परिणाम है। ‘मेड इन इंडिया’ उत्पाद अब वैश्विक बाजारों में तेजी से अपनी पकड़ बना रहे हैं और यह साबित कर रहे हैं कि भारत न केवल दुनिया का सबसे बड़ा कंज्यूमर बाजार है, बल्कि एक मजबूत निर्माता और निर्यातक भी बन चुका है।

इस सफलता के साथ भारत ने भविष्य की टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठा लिया है।

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