मां धर्मादेवी फाउंडेशन ट्रस्ट जिला अध्यक्ष गुनमती नायक कोंडागांव छत्तीसगढ़ ने किया वृक्षारोपण आरंभ।
कोंडागांव जिला अध्यक्ष गुनमती नायक ने वृक्षारोपण आरंभ कर दिया है,श्रावण माह का पहला सोमवार में ही कनेरा रोड शिव मंदिर परिसर में पंडित जी के दो पुत्रियों के साथ आंवला का वृक्ष रोपण किया।
उन्होंने कहा हमारे जिला अध्यक्ष बनने के पश्चात हमारा यह प्रथम सेवा जनहित में प्रस्तुत है, दिनांक 15-07-25 को मां धर्मा देवी फाउंडेशन ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं सदस्यों के साथ मिलकर वृक्षारोपण किया जावेगा, जिसमें मुख्य रूप से प्रदेश कोषाध्यक्ष हेमलता कौशिक जी भी सम्मिलित होंगे ऐसा संभावना उन्होंने व्यक्त किया है, साथ ही उन्होंने समस्त मां धर्मा देवी फाउंडेशन ट्रस्ट छत्तीसगढ़ परिवार को श्रावण माह की शुभकामनाएं दी।
वाराणसी (बडौरा) मां धर्मा देवी फाउंडेशन ट्रस्ट जनपद जौनपुर द्वारा गुरुवार को श्री साईं कृपा मंदिर ट्रस्ट बड़ौरा बाजार भदोही रोड़ वाराणसी में जिलाध्यक्ष अमर शर्मा उर्फ कप्तान के नेतृत्व में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के प्रदेश संरक्षक शैलेश बहादुर सिंह ने अपने कर कमलों द्वारा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान संस्था संस्थापक /राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा ने बताया कि संस्था से प्राप्त लगभग 1000 पौधों का रोपण नगर में विभिन्न स्थानों पर किया जा रहा है, जिसमें आज का पौधारोपण एक अहम पड़ाव रहा। जो 30 जुलाई तक रोपण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।” उन्होंने नगरवासियों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति कम से कम एक पौंधा मां के नाम से अवश्य लगाए और उसकी देखरेख को अपनी जिम्मेदारी समझे।
इस मौके पर साईं कृपा ट्रस्ट के संस्थापक महन्त राजू शुक्ला ने कहा, “पौधारोपण केवल एक दिन का कार्य नहीं है, इसकी नियमित देखभाल और संरक्षण जरूरी है। सभी नगरवासी न केवल पौधे लगाएं, बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसके संरक्षण हेतु प्रेरित करें।अभियान के तहत मां धर्मा देवी फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक सराहनीय पहल है, जिसकी सराहना नगरवासियों द्वारा की जा रही है।
श्रावण माह के पावन प्रथम सोमवार को मां धर्मादेवी फाउंडेशन ट्रस्ट की कोंडागांव जिला अध्यक्ष श्रीमती गुनमती नायक द्वारा वृक्षारोपण का शुभारंभ किया गया। यह पवित्र अवसर कनेरा रोड स्थित शिव मंदिर परिसर में संपन्न हुआ, जहाँ उन्होंने पंडित जी की दो पुत्रियों के साथ मिलकर आंवला के पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
उन्होंने कहा, “वृक्ष हमें न केवल जीवनदायिनी ऑक्सीजन देते हैं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और भावी पीढ़ियों की रक्षा का माध्यम भी हैं। यदि हम सब मिलकर इस दिशा में कार्य करें, तो छत्तीसगढ़ को हरित राज्य बनने से कोई नहीं रोक सकता।”
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