एलडीए ने अंसल की सुशांत गोल्फ सिटी में रजिस्ट्री पर लगाई रोक, फोरेंसिक ऑडिट भी शुरू! क्या घोटाले की परतें खुलने वाली हैं?
उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ में शहीद पथ स्थित अंसल एपीआई की सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अब इस टाउनशिप में नई रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है। यही नहीं, टाउनशिप के फोरेंसिक ऑडिट के लिए भी एक टीम गठित कर दी गई है, जिसने अपनी जांच बुधवार से शुरू कर दी है। क्या यह कदम एक बड़े घोटाले की तरफ इशारा कर रहा है? आइए जानते हैं विस्तार से।
एलडीए की नई पहल: रजिस्ट्री पर रोक और फोरेंसिक ऑडिट
एलडीए के वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि तीन महीने पहले ही जिला प्रशासन और निबंधन कार्यालय को रजिस्ट्री पर रोक लगाने के संबंध में सूचना भेजी गई थी, लेकिन इसके बावजूद अंसल की ओर से रजिस्ट्री किए जाने की शिकायतें आई थीं। उन्होंने कहा कि अंसल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है, और अब रजिस्ट्री पर रोक के आदेश को फिर से जारी किया गया है। साथ ही, टाउनशिप की फोरेंसिक ऑडिट शुरू कर दी गई है। ऑडिट टीम अंसल के अभिलेखों, सम्पत्तियों, जनसुविधाओं और विकास कार्यों की पूरी जांच करेगी। इस जांच को लेकर मेसर्स अग्रवाल गुप्ता और अरोड़ा चार्टर्ड एकाउंटेंट कंपनी को नियुक्त किया गया है।
अंसल के बैंक खातों पर भी लगी रोक
इतना ही नहीं, राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा नियुक्त रिसीवर ने अंसल के सुशांत गोल्फ सिटी के बैंक खातों के संचालन पर भी रोक लगा दी है। अब कंपनी के अधिकारी इन खातों से पैसे नहीं निकाल पाएंगे। रिसीवर की टीम ने बैंकों को पत्र भेजकर साफ कर दिया है कि नए अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो इन खातों का संचालन करेंगे। रिसीवर की टीम ने मंगलवार को अंसल बिल्डर के ऑफिस में दस्तावेजों की जांच की थी और बुधवार को भी यह प्रक्रिया जारी रही।
अंसल की संपत्तियों की जांच
रिसीवर ने कंपनी से जुड़े एक व्यक्ति से जानकारी ली, जिसने बताया कि अब तक कंपनी के बैंक खातों पर कोई लेन-देन नहीं किया जा सकेगा। रिसीवर की टीम ने 7 सदस्यीय दल के साथ अंसल की संपत्तियों की जांच शुरू की है, जिसमें जमीन की खरीद-फरोख्त, आवंटन, जमा पैसा, रजिस्ट्री, और कब्जे से जुड़े हर बिंदु पर अलग-अलग रिपोर्ट मांगी गई है। यह जांच अंसल के विकास कार्यों, रजिस्ट्री के मामलों, और अन्य विवरणों से जुड़े हर पहलू को खंगालने के लिए की जा रही है।
एलडीए और रिसीवर की टीम की अहम मुलाकात
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने रिसीवर की टीम से मुलाकात की, और उन्हें जानकारी दी कि अंसल पर एलडीए की जमीनों का करीब 450 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने यह भी बताया कि अंसल ने एलडीए की 413 एकड़ बंधक जमीन को भी बेचा है, जिससे यह मामला और जटिल हो गया है।
रिसीवर की टीम के द्वारा तैयार की जा रही रिपोर्ट
रिसीवर की टीम अब विभिन्न पहलुओं पर रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिनमें प्रमुख बिंदु हैं:
- अंसल की टाउनशिप में कितने लोगों को मकान और प्लॉट बेचे गए हैं।
- कितने लोगों को जमीन और मकान पर कब्जा दिया जा चुका है।
- कितनी रजिस्ट्री की गई है।
- कंपनी के पास कुल कितनी जमीन है, और कितनी विकसित और अविकसित हैं।
- समय पर योजना के विकसित न होने के कारण।
- रेरा में जो शिकायतें दर्ज हुईं हैं, उनकी वजह क्या रही और उनका समाधान क्यों नहीं किया गया।
- कंपनी ने कितना पैसा योजना के विकास में खर्च किया।
- डबल रजिस्ट्री के कितने मामले हैं।
जांच की प्रक्रिया और आगामी कदम
एलडीए की जांच और रिसीवर की टीम की कार्यवाही से साफ जाहिर है कि अंसल की सुशांत गोल्फ सिटी टाउनशिप में कुछ गंभीर अनियमितताएँ हो सकती हैं। रजिस्ट्री पर लगी रोक, बैंक खातों की स्थिति और फोरेंसिक ऑडिट की प्रक्रिया से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि आगामी समय में और भी गंभीर खुलासे हो सकते हैं।
इस पूरी कार्यवाही से यह सवाल भी उठता है कि आखिर कितनी परियोजनाओं में धोखाधड़ी और अनियमितताएँ हैं, जो अब सामने आ रही हैं। क्या यह मामला अन्य टाउनशिप परियोजनाओं में भी फैल सकता है, और क्या इसमें अन्य अधिकारियों की भूमिका भी शामिल है?
निष्कर्ष: क्या अंसल के खिलाफ और भी मामलों का पर्दाफाश होगा?
इस कदम से एलडीए और रिसीवर की टीम ने एक कड़ा संदेश दिया है कि टाउनशिप विकास की प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन होना चाहिए। अब देखना यह होगा कि अंसल एपीआई के खिलाफ यह जांच आगे क्या मोड़ लेती है, और क्या यह मामले न्यायिक कार्रवाई के लिए तैयार हो सकते हैं।
इस मामले के अपडेट्स और नतीजों के लिए बने रहिए हमारे साथ!
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