April 17, 2026

लखनऊ में सपा एमएलसी पर गंभीर आरोप, जमीन के फर्जी दस्तावेज बनवाकर कब्जा करने का मामला सामने आया

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सपा के एमएलसी उदयवीर सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने एलडीए के कर्मचारियों के साथ मिलकर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और परिवहन आयुक्त बृजेश नारायण सिंह की पत्नी मीनल सिंह की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया और इसके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इस मामले में परिवहन आयुक्त ने एफआईआर दर्ज कराई है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

जमीन के फर्जी दस्तावेज और कब्जे का आरोप

परिवहन आयुक्त बृजेश नारायण सिंह ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा 1997 में एलडीए से खरीदी गई पत्नी मीनल सिंह के नाम पर स्थित गोमती नगर के विनीत खंड में प्लॉट नंबर 5/145 पर सपा एमएलसी उदयवीर सिंह ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया। सिंह का कहना है कि उनकी पत्नी की पोस्टिंग दिल्ली एनसीआर में होने के कारण वह इस प्लॉट पर कोई निर्माण नहीं कर पाईं, जिससे इस जमीन का फायदा उठाकर उदयवीर सिंह ने एलडीए के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत करके फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। इन दस्तावेजों के आधार पर इस जमीन को बेचने की भी कोशिश की गई।

एफआईआर और पुलिस की कार्रवाई

12 फरवरी को परिवहन आयुक्त द्वारा दी गई शिकायत पर पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू कर दी। गोमती नगर थाने में दर्ज इस एफआईआर में सपा के एमएलसी उदयवीर सिंह, उनके साथी अविनाश सिंह सीकू, और जमीन खरीदने वाले व्यक्ति शक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी, अतिक्रमण और जालसाजी के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा, एलडीए के कर्मचारियों को भी आरोपियों के रूप में शामिल किया गया है। परिवहन आयुक्त और उनकी पत्नी ने आरोप लगाया है कि आरोपियों से उन्हें जान का खतरा है और उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की भी मांग की है।

भूमाफिया गिरोह का संचालन करने का आरोप

परिवहन आयुक्त बृजेश नारायण सिंह ने आरोप लगाया कि सपा के एमएलसी उदयवीर सिंह के संरक्षण में लखनऊ में एक बड़ा भूमाफिया गिरोह सक्रिय है, जो अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा करता है और फर्जी दस्तावेजों के जरिए उन्हें बेचने का काम करता है। इस गिरोह के द्वारा राजधानी लखनऊ में कई अन्य जमीनों पर भी कब्जा किया गया है और इन सभी घटनाओं को लेकर पुलिस जांच में जुटी हुई है।

जमीन का मालिकाना हक और दस्तावेज़

बृजेश नारायण सिंह ने अपनी तहरीर में यह भी बताया कि प्लॉट के सभी संबंधित दस्तावेज उनके पास हैं और वह 1997 से इस जमीन के वैध मालिक हैं। वह आरोप लगा रहे हैं कि सपा एमएलसी उदयवीर सिंह और उनके गिरोह ने फर्जी तरीके से इस जमीन के कागजात तैयार किए और जमीन को बेचने का प्रयास किया।

इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत धोखाधड़ी, अतिक्रमण और जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही इस गिरोह के अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

इस घटनाक्रम से यह साफ हो रहा है कि राजनीतिक संरक्षण में जमीनों की अवैध बिक्री और फर्जी दस्तावेजों की धंधा राजधानी लखनऊ में तेजी से फैल रहा है, और पुलिस अब इस पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए तैयार है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!