April 17, 2026

लखनऊ में तेज रफ्तार ट्रक से महिला की मौत, 500 मीटर तक घिसटती रही स्कूटी, पुलिस ने 10 किलोमीटर पीछा कर आरोपी को पकड़ा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से एक महिला की मौत हो गई। यह हादसा पारा थाना क्षेत्र के मोहान रोड इलाके के बुद्धेश्वर चौराहे के पास हुआ। महिला की स्कूटी ट्रक के पहिए में फंस गई, और वह 500 मीटर तक घिसटती चली गई। हादसे के बाद नशे में चूर ट्रक चालक घटनास्थल से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने करीब 10 किलोमीटर तक पीछा कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं, और क्षेत्रीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।

हादसे की भयावहता: ट्रक से 500 मीटर तक घिसटने के बाद महिला की मौत
मृतक महिला का नाम नीरू सिंह (53) था, जो बुद्धनगर के हंसखेड़ा की निवासी थीं और टिफिन सर्विस चलाती थीं। शनिवार शाम को वह अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी से बुद्धेश्वर पिंक सिटी निवासी एक परिचित से मिलने जा रही थीं। जैसे ही वह बुद्धेश्वर ओवरब्रिज के नीचे पहुंची, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार सीमेंट लदे ट्रक ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर के बाद नीरू ट्रक के पहिए में फंस गईं और वह शोर मचाती रही, लेकिन चालक ने ट्रक नहीं रोका। 500 मीटर तक घिसटने के बाद उनका शरीर ट्रक से छिटककर चौराहे के पास गिरा, जहां उनकी मौत हो गई।

हादसे के बाद ट्रक चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन जब लोगों ने शोर मचाया और उनका शव देखा तो हड़कंप मच गया। पुलिस ने जल्द ही ट्रक चालक का पीछा शुरू किया, जो एक किलोमीटर दूर काकोरी नहर रोड पर जाकर रुका। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक ने पुलिस की गाड़ी से भी टक्कर मारने का प्रयास किया। करीब 10 किलोमीटर की भाग-दौड़ के बाद पुलिस ने आरोपी चालक को पकड़ लिया।

आरोपी चालक की गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी चालक की पहचान काकोरी के सकरा निवासी संजय के रूप में की। संजय को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया और पारा पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया। हादसे में मृत महिला नीरू सिंह के परिवार में उनके बेटे अविनाश और बेटी अंजलि हैं। नीरू के पति, जो आर्मी से सेवानिवृत्त हैं और ऑटो चलाते हैं, ने आरोपी के खिलाफ तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।

स्थानीय लोगों का गुस्सा, पुलिस पर आरोप
इस हादसे के बाद स्थानीय लोग खासे नाराज हो गए। बुद्धेश्वर चौराहे पर व्यापार मंडल अध्यक्ष पिंटू गुप्ता ने पुलिस की लापरवाही पर आरोप लगाया। उनका कहना था कि आए दिन इस चौराहे पर हादसे होते रहते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं देते। वहीं, बुद्धेश्वर विकास महासभा की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश महामंत्री सोनी गौतम ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस और थाने के पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन फिर भी ट्रक को पकड़ने के प्रयास में कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई।

वसूली और अवैध वाहनों की समस्या
स्थानीय लोग इस बात से भी नाराज थे कि बुद्धेश्वर चौराहे के आसपास अवैध तरीके से ई-रिक्शा, टेंपो और बस स्टैंड चल रहे हैं। आरोप है कि पारा और ट्रैफिक पुलिस इन अवैध वाहनों से वसूली करती है, लेकिन हादसों की रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। यह हादसा पुलिस की लापरवाही और चौराहे पर अवैध वाहन संचालन की गंभीर समस्या को उजागर करता है।

हादसा क्षेत्रीय प्रशासन के लिए एक चेतावनी
यह हादसा न केवल लखनऊ के ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि प्रशासन की लापरवाही और सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर भी ध्यान आकर्षित करता है। लोग अब सरकार और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।

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