April 30, 2026

लंदन में अवैध आव्रजन के खिलाफ सबसे बड़ी रैली, 1 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे

लंदन की सड़कों पर शनिवार को एक विशाल रैली देखने को मिली, जिसमें 1 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। इस रैली का नाम ‘यूनाइट द किंगडम’ रखा गया था और इसका नेतृत्व दक्षिणपंथी नेता टॉमी रॉबिन्सन ने किया। माना जा रहा है कि यह ब्रिटेन के इतिहास की सबसे बड़ी एंटी-इमिग्रेशन रैली थी। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह अवैध प्रवासियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है और इस वजह से देश की सुरक्षा और समाज पर गहरा असर पड़ रहा है।

 

यह रैली लंदन के व्हाइट हॉल इलाके में हुई, जहां पहले से ही “स्टैंड अप टू रेसिज्म” नाम का एक प्रदर्शन चल रहा था। उसमें लगभग 5,000 लोग शामिल थे, जो नस्लभेद और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। दोनों पक्षों को अलग रखने की कोशिश कर रही पुलिस को बीच में भारी हिंसा का सामना करना पड़ा। झड़पों में 26 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। कई पुलिसकर्मियों के दांत और नाक टूट गए, जबकि कई को सिर पर गंभीर चोटें आईं। हिंसा फैलने के बाद पुलिस ने 25 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया और बाकी की पहचान की जा रही है।

 

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग ब्रिटेन में अवैध आव्रजन को रोकने की थी। उनका कहना है कि इस साल अब तक 28 हजार से ज्यादा प्रवासी इंग्लिश चैनल के रास्ते नावों से ब्रिटेन पहुंच चुके हैं। इन प्रवासियों को शरण देने का वे विरोध कर रहे हैं। हाल ही में सामने आए एक मामले ने गुस्से को और भड़का दिया था, जब एक इथियोपियाई प्रवासी पर 14 वर्षीय लड़की के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि सरकार और पुलिस अवैध आव्रजन पर काबू पाने में पूरी तरह नाकाम रही है।

 

इस बड़े विरोध-प्रदर्शन ने ब्रिटेन की राजनीति में आव्रजन के मुद्दे को फिर से केंद्र में ला दिया है। सरकार पर कठोर कदम उठाने का दबाव है, वहीं विपक्षी दल भी इसे भुनाने की रणनीति बना रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस और सख्त नीति नहीं बनाई, तो आने वाले समय में इससे भी बड़े और उग्र प्रदर्शन हो सकते हैं। ब्रिटिश समाज में आव्रजन को लेकर बढ़ता असंतोष अब स्पष्ट रूप से सड़कों पर दिखाई देने लगा है।

 

इस रैली के नेता टॉमी रॉबिन्सन ब्रिटेन के सबसे विवादित दक्षिणपंथी चेहरों में से एक हैं। उनका असली नाम स्टीवेन क्रिस्टोफर यारवेल है। वे लंबे समय से अपनी इस्लाम-विरोधी और इमिग्रेशन-विरोधी गतिविधियों के कारण चर्चा में रहते हैं। रॉबिन्सन का कहना है कि अगर ब्रिटेन ने अभी कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में देश को गंभीर सामाजिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखा दिया है कि ब्रिटेन में आव्रजन का मुद्दा केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह जनता की नाराज़गी का सबसे बड़ा कारण बन चुका है।

 

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