लखनऊ में राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद का भव्य होली मिलन समारोह, फाग गीतों और फूलों की होली के साथ दिया समरसता का संदेश

IMG-20260317-WA0230

लखनऊ से बड़ी खबर… राजधानी के गोमती नगर स्थित विभव खंड में सोमवार, 16 मार्च 2026 को राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद द्वारा भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कठौता चौराहा के पास हुए इस कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में सनातन धर्म के अनुयायियों की मौजूदगी देखने को मिली। पूरे आयोजन में उत्साह और सांस्कृतिक रंग साफ तौर पर नजर आए।

 

इस होली मिलन समारोह का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समरसता और सनातन एकता को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि समाज में जात-पात जैसी विभाजनकारी सोच को खत्म कर एकजुटता की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है। परिषद की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे अपनी पहचान सनातनी के रूप में स्थापित करें और समाज में भाईचारे को बढ़ावा दें।

 

कार्यक्रम में पारंपरिक फाग गीतों की विशेष प्रस्तुति दी गई, जिसने माहौल को पूरी तरह से होलीमय बना दिया। रंगों के इस पर्व को खास बनाने के लिए फूलों की होली खेली गई, जहां उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को फूलों से रंगकर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान हर तरफ उल्लास, उमंग और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिली।

 

समारोह में संगठन के कई बड़े पदाधिकारी भी शामिल हुए, जिनमें राष्ट्रीय महासचिव मुकेश सनातनी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनीष सनातनी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष साधना सनातनी और प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति प्रकाश सनातनी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इनके साथ ही प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

 

इसके अलावा जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों की भी बड़ी भागीदारी रही। विभिन्न क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं और हित चिंतकों ने कार्यक्रम को और अधिक भव्य और प्रभावशाली बना दिया। परिषद के अनुसार, प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों की मौजूदगी ने इस आयोजन को एक बड़े सामाजिक मिलन के रूप में स्थापित किया।

 

कुल मिलाकर, लखनऊ में आयोजित यह होली मिलन समारोह सिर्फ रंगों का उत्सव नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और संगठनात्मक शक्ति का भी प्रदर्शन बना। कार्यक्रम के जरिए एक मजबूत संदेश दिया गया कि समाज में समरसता और एकजुटता के साथ ही देश और संस्कृति को आगे बढ़ाया जा सकता है।

Share this content:

About The Author

You may have missed

error: Content is protected !!