लखनऊ। 09 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद द्वारा राजधानी में एक शांतिपूर्ण यात्रा और ज्ञापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय, प्रान्तीय, मंडल और जिला स्तर के सभी पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। यह यात्रा लक्ष्मण पार्क, के•डी• सिंह बाबू स्टेडियम के पास से प्रारंभ होकर गांधी प्रतिमा, GPO हजरतगंज तक पहुँची, जहाँ संगठन के प्रतिनिधियों ने माननीय मुख्यमंत्री को चार महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। परिषद का मुख्य उद्देश्य उन मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था जो सनातन आस्था, सम्मान और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रभावित कर रहे हैं।

ज्ञापन में परिषद ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में देवी-देवताओं, धार्मिक स्थलों और सनातन परंपराओं का लगातार अपमान किया जा रहा है, जिससे समाज में गहरी नाराजगी है। संगठन ने मांग की कि ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत कठोर कार्रवाई की जाए और प्रशासन को स्वतः संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया जाए। परिषद का कहना है कि जब तक कठोर दंड नहीं होगा, ऐसे तत्व समाज की आस्था के विरुद्ध आपत्तिजनक कार्य करते रहेंगे।

दूसरी प्रमुख मांग सोशल मीडिया तथा व्यक्तिगत विवादों में की जाने वाली जातिगत टिप्पणियों से जुड़ी थी। ज्ञापन में कहा गया कि जातीय अपमान की घटनाएँ बढ़ रही हैं और महिलाओं पर की जाने वाली जातिगत अभद्र टिप्पणियाँ समाज की गरिमा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। परिषद ने इस प्रकार की टिप्पणियों पर भी रासुका लगाने की मांग करते हुए कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए कठोर दंड आवश्यक है।
तीसरी मांग देवी-देवताओं के नाम और चित्रों का उपयोग कर नशीले पदार्थों, पटाखों और अन्य अनुचित उत्पादों की बिक्री पर रोक से संबंधित थी। परिषद ने कहा कि देवी-देवताओं के पवित्र नामों को व्यावसायिक उत्पादों पर प्रयोग करना आस्था का अपमान है और सरकार को इस पर तुरंत रोक लगानी चाहिए। संगठन ने ऐसे उत्पाद बनाने और बेचने वालों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग भी रखी।

चौथा विषय लखनऊ के पौराणिक और सांस्कृतिक आधार पर नाम परिवर्तन को लेकर था। परिषद ने कहा कि पौराणिक मान्यता के अनुसार यह भूमि भगवान श्रीराम द्वारा लक्ष्मण को प्रदत्त “लखनपुर” के नाम से जानी जाती थी। संगठन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि लंबे समय से लंबित इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए और लखनऊ का नाम बदलकर “लखनपुर” किया जाए, जिससे इसकी सांस्कृतिक पहचान पुनः स्थापित हो सके।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें राष्ट्रीय पदाधिकारियों में डॉ० राकेश कुमार सनातनी (राष्ट्रीय अध्यक्ष), मनीष सनातनी (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), मुकेश सनातनी (राष्ट्रीय महासचिव), साधना सनातनी (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष), ज्योति प्रकाश सनातनी (प्रदेश उपाध्यक्ष) शशि भूषण सनातनी (अवध प्रांत अध्यक्ष) और विवेक सनातनी (राष्ट्रीय युवा शक्ति रक्षा सह संयोजक) शामिल रहे। इसके अलावा शशि भूषण सनातनी, प्रवेश सनातनी, महेंद्र नाथ सनातनी, दीप्ति सनातनी और कुलदीप शुक्ला भी कार्यक्रम का हिस्सा बने।
जिला एवं मंडल स्तर पर विकास सनातनी, अवध प्रांत अध्यक्च कुमार सनातनी, हिमांशु सनातनी, पवन सनातनी, अनिल सहसंयोजक और शैलेश सनातनी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। अन्य उपस्थित पदाधिकारियों में पवन कुमार सनातनी, अमित सनातनी, संदीप सनातनी, हर्वेंद्र सनातनी, आलोक सनातनी, विराज सनातनी, विपिन सनातनी, विनय सनातनी, ऋषिकेश सनातनी, नवीन सनातनी, प्रवेश सनातनी और प्रदीप सनातनी के नाम शामिल हैं। संत समाज से बाबा श्री आशुतोषषामबर जी महाराज ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय महासचिव मुकेश दुबे ने कहा कि परिषद की इन चारों मांगों को पूर्णतः स्वीकार किए जाने तक संगठन का शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद आस्था और सम्मान की रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है और सरकार से अपेक्षा करती है कि इन मुद्दों पर शीघ्र तथा प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
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