उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को राष्ट्र हिंदू रक्षा परिषद की ओर से भव्य विराट संत सम्मेलन एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। इस अवसर पर देशभर से आए प्रमुख संतों, महात्माओं और कवियों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को विशेष बना दिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य सनातन समाज में एकता, समरसता और जागरूकता को बढ़ावा देना तथा हिंदू समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति सजग करना रहा।

सनातन समाज की रक्षा के लिए एकजुटता जरूरी
कार्यक्रम में वक्ताओं ने हिंदू समाज पर हो रहे लगातार प्रहारों और संगठनों की निष्क्रियता पर चिंता जताई। उनका कहना था कि जातिवाद, भाषावाद और क्षेत्रवाद ने समाज को विभाजित कर दिया है, जिससे विदेशी शक्तियों को हिंदुत्व को कमजोर करने का अवसर मिल रहा है। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि अब समय आ गया है जब सभी सनातनी एकजुट होकर धर्म और समाज की रक्षा के लिए आगे आएं।

मुकेश दुबे ने उठाई धर्म-संरक्षण की बात
राष्ट्र हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय महासचिव मुकेश दुबे ने कहा कि आज सनातन धर्म, उसकी परंपराओं और संस्कृति पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में प्रलोभन, भय और लालच के माध्यम से धर्मांतरण कराया जा रहा है और “लव जिहाद” जैसी घटनाएं सामाजिक ढांचे को कमजोर कर रही हैं।
दुबे ने गौ-हत्या और गोवंश तस्करी पर रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि “अब हर सनातनी को धर्म की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा।”

परिषद का संकल्प और कार्ययोजना
मुकेश दुबे ने बताया कि परिषद ने यह संकल्प लिया है कि जब तक हिंदू समाज एक नहीं होता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। परिषद समाज में समरसता बढ़ाने, बौद्धिक विकास करने, कुप्रथाओं को समाप्त करने और हर वर्ग को जोड़ने के मिशन पर कार्यरत है।

संतों और अतिथियों के प्रेरक संबोधन
कार्यक्रम का संचालन पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता अशोक द्विवेदी ने किया, जिन्होंने संस्कृत श्लोकों और रामचरितमानस की चौपाइयों के माध्यम से जनजागरूकता का संदेश दिया।
इस दौरान जगद्गुरु रामानंदाचार्य ने कहा कि राष्ट्र हिंदू रक्षा परिषद का यह प्रयास सराहनीय है और अब समय है जब सनातनी एक मंच पर आकर अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे बढ़ें।

परिषद के प्रमुख उद्देश्य
गौ हत्या पर कठोर दंड का प्रावधान
भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की पहल
धर्मांतरण, लव जिहाद और प्रलोभन द्वारा परिवर्तन पर रोक
गौ माता को “राष्ट्र माता” घोषित कराने की मांग
गोवंश संरक्षण और विकास के ठोस कदम
“एक देश, एक कानून” लागू करने का प्रयास
देवी-देवताओं के अपमान को राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में लाने की मांग
महिला सुरक्षा और समाज में समान भागीदारी सुनिश्चित करना
गुरुकुल और चेतना केंद्रों के माध्यम से वैदिक शिक्षा को बढ़ावा देना
जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की मांग
“एक देश, एक शिक्षा” प्रणाली की पहल
सभी हिंदुओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देना
जातिसूचक शब्दों को राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में लाने का प्रस्ताव
“स्वाभिमान एक्ट” लागू करने की सिफारिश
कवियों की ओजस्वी प्रस्तुतियों से गूंजा मंच
सम्मेलन में उपस्थित संतों और कवियों ने अपनी प्रेरक व ओजस्वी प्रस्तुतियों से सभा को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर बाल योगी अरुण, अंतर्राष्ट्रीय महामंडलेश्वर इंद्रेश कौशिक, मनीष दास जी महाराज, आत्माराम तिवारी जी महाराज, विवेक टंगड़ी जी महाराज, रसिका साध्वी उमा जी, साधना सिंह और पवन शर्मा जैसे प्रतिष्ठित संतों और विद्वानों ने उपस्थिति दर्ज की।

राष्ट्रव्यापी अभियान का संकल्प
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि राष्ट्र हिंदू रक्षा परिषद पूरे देश में सनातन धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए जन-जागरण अभियान चलाएगी। संतों और कवियों ने एक स्वर में कहा कि अब समय आ गया है जब सभी सनातनी एकजुट होकर अपने धर्म, संस्कृति और गौरव की रक्षा करें।
Share this content:
