April 17, 2026

भारत में लम्पी डिजीज के खिलाफ सदी की पहली वैक्सीन, मवेशियों को जानलेवा बीमारी से बचाने में अहम कदम

भारत में लम्पी स्किन डिजीज (LSD) का कहर अब भी जारी है, और लाखों मवेशियों की जान जा चुकी है। इस बीमारी ने देशभर में डेयरी और कृषि उद्योग को गहरी क्षति पहुंचाई है, लेकिन अब इस जानलेवा बीमारी के खिलाफ भारत बायोटेक समूह की कंपनी बायोवेट ने एक अहम कदम उठाया है। बायोवेट ने बायोलम्पिवैक्सिन नामक वैक्सीन को तैयार किया है, जो लम्पी स्किन डिजीज से मवेशियों को बचाने में मदद करेगा। अब, इस वैक्सीन को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) से लाइसेंस प्राप्त हो चुका है, और यह टीका जल्द ही भारतीय बाजार में उपलब्ध होने वाला है।

भारत में पहली बार बायोलम्पिवैक्सिन वैक्सीन: एक ऐतिहासिक कदम
बायोलम्पिवैक्सिन भारत में बनी पहली वैक्सीन है, जो लम्पी स्किन डिजीज (LSD) के खिलाफ प्रभावी है। यह वैक्सीन भारत बायोटेक द्वारा विकसित की गई है, और इसके लाइसेंस प्राप्त करने के बाद अब भारत अपनी पशु चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा। इससे पहले, भारत को अक्सर विदेशी टीकों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब स्वदेशी वैक्सीन के साथ भारत अपनी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा चुका है।

लाइव-एटेन्यूएटेड मार्कर वैक्सीन की प्रभावशीलता
यह लाइव-एटेन्यूएटेड मार्कर वैक्सीन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR-NRCE) और राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (NRCE), हिसार द्वारा तैयार किए गए एलएसडी वायरस के स्ट्रेन का उपयोग करके विकसित की गई है। इस वैक्सीन की सुरक्षा, गुणवत्ता और प्रभावकारिता का परीक्षण ICAR-NRCE और भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) द्वारा बड़े पैमाने पर किया गया है। इसके साथ ही, बायोवेट ने यह भी घोषणा की है कि यह वैक्सीन दुनिया की पहली डीआईवीए (DIWA) मार्कर वैक्सीन है, जो संक्रमित जानवरों को अन्य जानवरों से अलग करने की क्षमता रखती है।

पशु चिकित्सा क्षेत्र में गेम-चेंजर साबित होगी बायोलम्पिवैक्सिन
बायोवेट के अनुसार, यह वैक्सीन पशु चिकित्सा क्षेत्र में गैम-चेंजर साबित होने वाली है, क्योंकि यह रोग निगरानी और उन्मूलन कार्यक्रमों को बेहतर बनाएगी। अब एक्सपर्ट्स और फील्ड वर्कर यह जान सकेंगे कि कौन से जानवरों को बायोलम्पिवैक्सिन लगाया जा सकता है, जिससे इस बीमारी के फैलने की गति को रोका जा सकेगा। इस वैक्सीन के जरिए, लाखों मवेशियों की जान को बचाया जा सकता है और इस जानलेवा बीमारी के खिलाफ युद्ध में बड़ी जीत हासिल की जा सकती है।

जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगी वैक्सीन
बायोवेट ने अपने बयान में कहा है कि बायोलम्पिवैक्सिन बहुत जल्द ही भारतीय बाजार में उपलब्ध होगा। बायोवेट की मल्लूर यूनिट में इस वैक्सीन का उत्पादन किया जाएगा, और सालाना लगभग 500 मिलियन खुराक का उत्पादन किया जा सकेगा। इस वैक्सीनेशन के बाद, लम्पी स्किन डिजीज जैसे जानलेवा वायरस के खिलाफ मवेशियों का बचाव करना आसान हो जाएगा।

लम्पी स्किन डिजीज क्या है?
लम्पी स्किन डिजीज एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से गायों और भैंसों को प्रभावित करती है। यह बीमारी मच्छरों, मक्खियों, टिक्स (छोटे कीड़े) और संक्रमित जानवरों के संपर्क से फैलती है। इस बीमारी के कारण मवेशियों के शरीर पर गठ (नोड्यूल) बन जाते हैं, और साथ ही तेज बुखार भी होता है। इससे मवेशियों की सेहत बिगड़ जाती है, और कई बार यह जानलेवा साबित हो जाती है। अब तक, लम्पी स्किन डिजीज के कारण लाखों मवेशियों की मौत हो चुकी है, और हजारों मवेशी अभी भी इस बीमारी से जूझ रहे हैं।

निष्कर्ष
भारत में लम्पी स्किन डिजीज जैसी महामारी से निपटने के लिए बायोलम्पिवैक्सिन वैक्सीन का आगमन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह वैक्सीन न केवल मवेशियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी, बल्कि भारत को आयातित टीकों पर निर्भरता कम करने में भी मदद करेगी। अब, भारतीय पशु चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, और इसके जरिए लाखों मवेशियों की जान बचाने की उम्मीद जगी है।

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