युवक को कार में लिफ्ट लेना पड़ा महंगा, शातिर अपराधियों ने लूटे नकदी और जेवर – पुलिस ने शुरू की जांच
क्या आप किसी की मदद के रूप में मिली लिफ्ट को अपने लिए सुरक्षित समझते हैं? उत्तर प्रदेश के एक युवक के लिए यही लिफ्ट एक खतरनाक जाल साबित हुई, जब उसने एक वैन में लिफ्ट ली और उसके बाद उसकी नकदी और जेवरों की लूट हो गई। यह घटना न सिर्फ उस युवक के लिए शॉकिंग थी, बल्कि यह भी एक कड़ा संदेश देती है कि लिफ्ट लेने से पहले अब पूरी तरह सतर्क रहना ज़रूरी है।
धीरेंद्र सिंह चौहान, जो नोएडा में एक निजी कंपनी में काम करते हैं, हाल ही में इस घटनाक्रम का शिकार हुए। उनका घर अवागढ़ थाना क्षेत्र के गांव बसुंधरा में है, और वह अपने परिवार के साथ नोएडा में रहते हैं। 14 मई को अपने गांव में श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन की जानकारी मिलने पर वह परिवार के साथ गांव जाने के लिए ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। ट्रेन से टूंडला पहुंचने के बाद वह चौराहे पर वाहन का इंतजार कर रहे थे, तब एक वैन उनके पास रुकी।
वैन के चालक और उसमें बैठे अन्य युवकों ने उन्हें लिफ्ट देने का प्रस्ताव रखा। घर जाने की जल्दी और रास्ते की लंबाई के कारण धीरेंद्र ने उन पर भरोसा किया और वैन में सवार हो गए। यह उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई। वैन में सवार होने के बाद, लगभग 2:30 बजे, वैन चालक ने रजावली चौराहे पर वैन को जलेसर की ओर मोड़ लिया। जब धीरेंद्र ने विरोध किया और पूछा कि वे कहां जा रहे हैं, तो दो युवकों ने तमंचा निकालकर उन्हें धमकाते हुए चुप रहने को कहा।
अब, शातिर अपराधियों ने धीरेंद्र से नकदी और जेवर लूटने के बाद उसे वैन से उतार दिया। डर के मारे धीरेंद्र ने फिर घटना की शिकायत पुलिस से की और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, क्योंकि वैन में सवार युवकों का चेहरा और अन्य विवरण धीरेंद्र के पास हैं।
यह घटना न केवल एक अकेले युवक के लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है। लिफ्ट लेने से पहले हमेशा सतर्क रहें, क्योंकि कभी-कभी मदद के नाम पर भी शातिर इरादे छिपे होते हैं। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए जागरूकता फैलाने की योजना बना रही है।
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