April 19, 2026

दो घंटे की फ्लाइट या दो घंटे की सजा? यात्रियों की हरकतों ने बना दी ‘उड़ान’ एक बुरा सपना

एक आम सी लगने वाली बेंगलुरु से कोलकाता की फ्लाइट, एक यात्री के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। दो घंटे की ये यात्रा उसकी सहनशीलता की पूरी परीक्षा बन गई, जिसकी कहानी उसने हाल ही में रेडिट पर शेयर की।

शख्स ने बताया कि एयर इंडिया की इस फ्लाइट में उसके बगल में एक कपल अपने छोटे बच्चे के साथ बैठा था। फ्लाइट अटेंडेंट ने उन्हें सुरक्षा निर्देश समझाए, लेकिन उनके लापरवाह रवैये ने जल्द ही हालात बिगाड़ दिए। अटेंडेंट के जाने के बाद ही कपल ने बच्चे को अपनी गोद में लिटा दिया, और थोड़ी ही देर में बच्चा बेचैन होकर सामने की सीटों में लातें मारने लगा। उसने आर्मरेस्ट के गैप से अपने पैर फैलाने की कोशिश की, जब तक कि उसके पैर सामने बैठे पैसेंजर तक न पहुँच गए।

यात्री ने बताया कि उड़ान से ठीक पहले माता-पिता ने बच्चे को दूध पिलाया था, जिससे उसने थोड़ी ही देर में डकार ली और फर्श पर उल्टी कर दी। हैरानी की बात तो ये थी कि मां उसे शौचालय ले गई और फ्लाइट अटेंडेंट को गंदगी साफ करने के लिए छोड़ दिया।

लेकिन इस यात्रा की मुश्किलें यहीं नहीं रुकीं। केबिन में अन्य यात्री भी किसी नियम-कायदों की परवाह किए बिना इधर-उधर घूमते रहे। फ्लाइट में सीटबेल्ट का संकेत जल रहा था, बावजूद इसके कई लोग गलियारे में घूमते दिखे। वे अपने ग्रुप के अन्य लोगों से बातें करने में व्यस्त रहे, बार-बार टॉयलेट जाते रहे, और पूरी फ्लाइट किसी बाजार की तरह लगने लगी।

शख्स ने अपनी पोस्ट में गुस्से के साथ सवाल उठाया – “लोग दो घंटे तक चुप क्यों नहीं रह सकते?” और “क्या फ्लाइट स्टाफ के निर्देशों की अब कोई अहमियत नहीं रह गई?”

इस पोस्ट के जरिए उसने केवल अपनी पीड़ा ही नहीं जताई, बल्कि देश में बढ़ती हवाई यात्रा की अव्यवस्था और यात्रियों की जिम्मेदारी के प्रति उदासीनता पर भी सवाल खड़े किए हैं।

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