April 20, 2026

कोलकाता में डॉक्टर की हत्या: मनोचिकित्सक ने बताया मानसिक तनाव के कारणों का खुलासा

कोलकाता के प्रतिष्ठित आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला डॉक्टर की रेप और हत्या की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। अब, इस दर्दनाक घटना के पीछे के मानसिक तनाव को लेकर एक कंसल्टेंट मनोचिकित्सक का दावा सामने आया है, जो पीड़िता के साथ काम कर चुके थे। मनोचिकित्सक मोहित रणदीप ने कहा कि पीड़िता मानसिक तनाव में थी और घटना से करीब एक महीने पहले ही उसने उनसे मदद मांगी थी।

ट्रेनिंग के दौरान भेदभाव और अनियमितताएं पीड़िता के मानसिक तनाव का कारण

मनोचिकित्सक रणदीप ने खुलासा किया कि पीड़िता को अपनी शिफ्ट्स के दौरान भारी मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था। उसने उनसे बताया था कि अस्पताल में शिफ्ट अलॉटमेंट में भेदभाव किया जा रहा था, और उसे बहुत देर तक काम करना पड़ता था। डॉक्टर रणदीप के अनुसार, पीड़िता के द्वारा दिखाए गए शिफ्ट रोस्टर में 36 घंटे की ड्यूटी शामिल थी, जो किसी भी ट्रेनी डॉक्टर के लिए अत्यधिक थी।

रणदीप ने यह भी बताया कि पीड़िता ने अस्पताल में उपकरणों और दवाइयों की खरीद में अनियमितताओं का सामना किया था, जो उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। यह सब मिलकर उसके तनाव को बढ़ा रहा था। उन्होंने कहा कि ट्रेनी महिला डॉक्टर ने इन समस्याओं के बारे में उन्हें बताया और उन्होंने पीड़िता को कुछ सलाह दी थी। डॉक्टर रणदीप ने यह भी बताया कि पीड़िता को फॉलो-अप काउंसलिंग के लिए वापस आना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

किसी ने भी नहीं किया इस मानसिक संकट को गंभीरता से

पीड़िता के माता-पिता और उसके सहकर्मियों ने पहले भी दावा किया था कि उसे अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं को उजागर करने की वजह से परेशान किया जा रहा था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि अस्पताल में मेडिकल इक्विपमेंट्स और दवाइयों की खरीद में गड़बड़ियां हो रही थीं, जिनका उसे काम के दौरान सामना करना पड़ा था। इसके अलावा, अस्पताल में कर्मचारियों के बीच भेदभाव भी एक गंभीर मुद्दा था, जिससे पीड़िता लगातार मानसिक तनाव में रहती थी।

सीबीआई के सामने गवाही देने को तैयार

मनोचिकित्सक मोहित रणदीप ने एक बंगाली टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो वह इस मामले की जांच कर रही सीबीआई के सामने गवाही देने के लिए तैयार हैं। उनका कहना था कि वह घटना के सही पहलू को उजागर करने में मदद करना चाहते हैं और उन्हें यकीन है कि उनकी गवाही से मामले की जांच में सहायता मिल सकती है।

डॉ. संदीप घोष की गिरफ्तारी और अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं की जांच

इस मामले में राज्य सरकार ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं में शामिल थे, जो पीड़िता की मानसिक स्थिति को और खराब कर रहे थे। इस घटनाक्रम ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है, और अब अस्पताल में चल रही गड़बड़ियों के पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

भविष्य में क्या होगा?

यह मामला अब न केवल एक महिला डॉक्टर की निर्दयतापूर्वक की गई हत्या का मामला बन चुका है, बल्कि इसने अस्पतालों में चल रही गड़बड़ियों और भेदभावपूर्ण शिफ्ट अलॉटमेंट को भी उजागर किया है। आने वाले समय में, इस मामले में और भी कई खुलासे हो सकते हैं, और यह निश्चित रूप से अस्पतालों के भीतर कामकाजी वातावरण में सुधार की दिशा में एक कदम साबित हो सकता है।

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