April 30, 2026

7वें वेतन आयोग: ड्रेस भत्ते में नियम बदले, नए और रिटायर कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

केंद्र सरकार ने ड्रेस भत्ते पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए, लागू होंगे 1 जुलाई 2025 के बाद जॉइन या रिटायर होने वाले कर्मचारियों पर

केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले ड्रेस भत्ते से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए आदेश के अनुसार, 1 जुलाई 2025 के बाद नौकरी जॉइन करने वाले कर्मचारियों को भी इस भत्ते का फायदा मिलेगा। डाक विभाग ने इस संबंध में नया आदेश जारी किया है, जिसमें रिटायर्ड और नए भर्ती कर्मचारियों के लिए स्थिति स्पष्ट की गई है। अब कर्मचारियों को यह चिंता नहीं होगी कि साल के बीच में जॉइन या रिटायर होने पर उनके भत्ते का भुगतान कितना और कब होगा।

ड्रेस भत्ते के नए नियम

24 सितंबर 2025 को जारी आदेश में कहा गया है कि साल के बीच में जॉइन या रिटायर होने वाले कर्मचारियों को अनुपातिक आधार पर ड्रेस भत्ता दिया जाएगा। ड्रेस भत्ता उन कर्मचारियों को दिया जाता है जिन्हें ड्यूटी के दौरान यूनिफॉर्म पहननी होती है। वित्त मंत्रालय ने अगस्त 2017 में जारी सर्कुलर के अनुसार ड्रेस भत्ता अब कई पुराने भत्तों का सम्मिलित रूप है, जैसे कपड़ा भत्ता, बेसिक इक्विपमेंट भत्ता, यूनिफॉर्म रखरखाव भत्ता, गाउन भत्ता और जूता भत्ता

वित्त मंत्रालय की मंजूरी

जून 2025 में जारी आदेश में कहा गया था कि जुलाई 2025 के बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों के मामले में वित्त मंत्रालय से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और तब तक पुराने नियम ही लागू होंगे। अब वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नए भर्ती कर्मचारियों की तरह साल के बीच में रिटायर होने वाले कर्मचारियों को भी अनुपातिक ड्रेस भत्ता मिलेगा।

भुगतान का समय और प्रक्रिया

डाक विभाग ने बताया कि ड्रेस भत्ता जुलाई की सैलरी के साथ दिया जाता है। नए नियमों के तहत अक्टूबर 2025 से रिटायर होने वाले कर्मचारियों से जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त भुगतान की वसूली की जाएगी। वहीं, 30 सितंबर 2025 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों से कोई रिकवरी नहीं की जाएगी।

नए कर्मचारियों के लिए दिशा-निर्देश

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी जुलाई 2025 से पहले जॉइन करेंगे, उन्हें जून 2025 तक लागू नियमों के अनुसार ड्रेस भत्ता मिलेगा। पिछले साल कुछ जगह यह देखा गया था कि ड्रेस भत्ता जुलाई 2025 की सैलरी में शामिल नहीं किया गया था, इसलिए अब उसे सही करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

इस बदलाव से कर्मचारियों को साल के बीच जॉइन या रिटायर होने पर भत्ते की अनिश्चितता से राहत मिलेगी और भुगतान प्रक्रिया और भी पारदर्शी हो जाएगी।

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