काव्या मारन की टीम को दी गई ‘धमकी’, CID का बड़ा एक्शन – HCA अध्यक्ष समेत 5 लोग हिरासत में, IPL में बड़ा विवाद
आईपीएल 2025 के दौरान सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) के बीच का टकराव अब गंभीर रूप ले चुका है। काव्या मारन की अगुवाई वाली इस फ्रेंचाइजी की शिकायत पर तेलंगाना CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए HCA अध्यक्ष ए. जगन मोहन राव सहित 5 लोगों को हिरासत में लिया है। इस मामले ने सिर्फ राज्य स्तर पर ही नहीं, बल्कि पूरे आईपीएल की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल 2025 के दौरान बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि:
HCA अधिकारी SRH टीम पर लगातार दबाव बना रहे थे।
उनसे 10% से अधिक फ्री टिकट (कंप्लीमेंट्री पास) की मांग की जा रही थी।
ऐसा न करने पर धमकियां दी गईं और टीम को घरेलू वेन्यू बदलने तक की चेतावनी दी गई।
SRH ने यहां तक कहा कि अगर यह दखल और दबाव बंद नहीं हुआ तो वे हैदराबाद छोड़कर अपने मैच किसी अन्य राज्य में आयोजित करेंगे।
तेलंगाना सरकार का एक्शन
इस विवाद को गंभीर मानते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद तेलंगाना विजिलेंस कमीशन ने एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए:
HCA अध्यक्ष और अधिकारी फ्रेंचाइजी पर निजी लाभ के लिए टिकट बढ़ाने का दबाव बना रहे थे।
कॉर्पोरेट बॉक्स तक बंद कर दिए गए, जिससे SRH को मजबूरी में अतिरिक्त टिकट देने पड़ें।
यह सब नियमों के खिलाफ पाया गया।
CID की कार्रवाई: हिरासत में ये 5 लोग
अब तेलंगाना CID ने रिपोर्ट के आधार पर इन पांच लोगों को हिरासत में लिया है:
1. ए. जगन मोहन राव – अध्यक्ष, HCA
2. सी. श्रीनिवास राव – कोषाध्यक्ष
3. सुनील कांते – CEO
4. राजेंद्र यादव – महासचिव
5. जी. कविता – महासचिव की पत्नी (जिनकी भूमिका भी संदिग्ध पाई गई)
SRH की चेतावनी के बाद यह आशंका बनी हुई है कि वे आने वाले सीज़न में राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम, हैदराबाद को छोड़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह मैदान न केवल आर्थिक रूप से प्रभावित होगा, बल्कि हैदराबाद की क्रिकेट साख को भी नुकसान पहुंचेगा।
निष्कर्ष
यह विवाद आईपीएल के इतिहास में सबसे गंभीर प्रशासनिक झगड़ों में से एक बनता जा रहा है। SRH और HCA के बीच बढ़ते तनाव ने बीसीसीआई के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अगर इस पर सख्ती से कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आईपीएल की पारदर्शिता और निष्पक्षता को भी प्रभावित कर सकता है। अब निगाहें इस पर हैं कि क्या काव्या मारन की टीम सच में हैदराबाद छोड़ती है या यह विवाद बातचीत से सुलझता है।
Share this content:
