कानपुर के खासपुर गांव में दहशत: 34 परिवारों ने लगाए ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर, मंत्री के हस्तक्षेप से दो आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद के बिल्हौर क्षेत्र स्थित खासपुर गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब गांव के 34 परिवारों ने अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर चिपका दिए। इसकी वजह थी गांव में सक्रिय दबंगों का आतंक, जिनसे तंग आकर लोगों ने गांव छोड़ने का फैसला तक ले लिया था।
मामला तब और गर्मा गया जब प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल स्वयं शनिवार को गांव पहुंचे और पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने थाना प्रभारी को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए दबंगों की गिरफ्तारी और गांव से दहशत खत्म करने का सख्त निर्देश दिया। मंत्री ने दो टूक कहा कि ऐसी गुंडागर्दी प्रदेश में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और 7 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूरा विवाद 24 मई की रात से शुरू हुआ जब गांव के पूर्व प्रधान अशोक कटिहार पर दबंगों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। यह हमला सीसीटीवी और मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ। हमले के बाद गांव में दहशत का माहौल और गहराया। ग्रामीणों ने बताया कि दबंगों पर पहले से ही हथियार, डकैती, चोरी और ज़मीन कब्जे जैसे कई गंभीर केस दर्ज हैं, फिर भी वे खुलेआम घूम रहे हैं।
दबंगों ने सिर्फ ग्रामीणों को धमकाया ही नहीं, बल्कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण भी कर लिया और सरकारी रास्ता तक बंद कर दिया। पुलिस ने हमले के आरोपियों कृष्णा, कमलेश, रामदीन और रमन के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था। इनमें से कमलेश को 28 मई को गिरफ्तार किया गया था और शनिवार को दो और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
अब गांव के लोग मंत्री आशीष पटेल की कार्रवाई से संतुष्ट दिख रहे हैं और उनका धन्यवाद कर रहे हैं कि उनकी पहल से गांव में फिर से शांति लौटने की उम्मीद जगी है।
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