May 1, 2026

झारखंड को ‘क्राइम फ्री स्टेट’ बनाने के लिए हेमंत सरकार का मास्टरप्लान, अपराधियों को 5 कैटेगरी में बांट इनाम की घोषणा

झारखंड में अपराध पर लगाम कसने और राज्य को ‘क्राइम फ्री’ बनाने के उद्देश्य से हेमंत सोरेन सरकार ने एक ठोस और बहुआयामी योजना तैयार की है। इस योजना के तहत राज्य के कुख्यात और फरार अपराधियों को अब पांच श्रेणियों (कैटेगरी) में वर्गीकृत किया गया है और उन पर एक लाख से लेकर 30 लाख रुपये तक का इनाम घोषित किया जा रहा है। यह इनाम दो साल तक मान्य रहेगा।

सरकार और पुलिस मुख्यालय की साझा पहल

यह एक्शन प्लान झारखंड सरकार और राज्य पुलिस मुख्यालय की संयुक्त पहल है, जिसे हाल ही में कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है। इस रणनीति को पहले नक्सलियों के खिलाफ अपनाया गया था, जिससे पुलिस को काफी सफलता मिली थी। अब उसी मॉडल को अपराधियों पर लागू किया गया है, ताकि फरार चल रहे खतरनाक अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके।

इनाम की राशि और कैटेगरी

झारखंड पुलिस की योजना के अनुसार, जिन अपराधियों का आपराधिक इतिहास गंभीर है और जिनकी गिरफ्तारी लंबे समय से नहीं हो सकी है, उन्हें पांच श्रेणियों में बांटा गया है। हर कैटेगरी के अनुसार, अपराधी पर घोषित इनाम की राशि तय की गई है। इनाम की न्यूनतम सीमा 1 लाख और अधिकतम 30 लाख रुपए है। यह इनाम उनके अपराध के स्तर, सामाजिक प्रभाव और फरारी की अवधि के आधार पर तय किया जाएगा।

जिलों के एसपी को भेजी गई सूची

झारखंड CID द्वारा सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SPs) को अपराधियों की विस्तृत सूची भेज दी गई है। इसके तहत हर जिले में चिन्हित अपराधियों की मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है। विशेष निगरानी उन अपराधियों पर रहेगी जो जेल से छूटने के बाद दोबारा अपराध की राह पर लौट सकते हैं।

डीजीपी का बयान

राज्य के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ इनामी रणनीति ने झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता दिलाई थी। अब वही रणनीति आपराधिक नेटवर्क पर भी लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि इनाम की घोषणा से पुलिस को इन अपराधियों के ठिकानों की जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी, क्योंकि सूचना देने वालों को भी गोपनीय रखा जाएगा और उन्हें इनाम की राशि प्रदान की जाएगी।

अपराध और नक्सलवाद दोनों पर एक साथ वार

इस योजना का उद्देश्य केवल संगठित अपराध पर अंकुश लगाना ही नहीं, बल्कि झारखंड को समग्र रूप से एक सुरक्षित और कानूनसम्मत राज्य बनाना है। उग्रवादियों की गतिविधियों पर इनाम योजना पहले से प्रभावी रही है और अब यही दृष्टिकोण शहरी और ग्रामीण अपराधियों पर भी लागू किया जा रहा है।

सख्त निगरानी और रिपोर्टिंग सिस्टम

इसके अतिरिक्त जेलों से छूटने वाले अपराधियों पर विशेष नजर रखने के आदेश जारी किए गए हैं। सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे नियमित रिपोर्टिंग और सतर्कता बनाए रखें, ताकि दोबारा अपराध की कोई भी कोशिश तुरंत पकड़ी जा सके।

झारखंड सरकार की इस नई रणनीति से यह स्पष्ट संकेत गया है कि अब राज्य में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं होगी। सरकार का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि आम जनता में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण तैयार करना है। अगर यह योजना जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू हो पाती है, तो झारखंड जल्द ही अपराध मुक्त राज्यों की सूची में शामिल हो सकता है।

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