April 24, 2026

“कभी काफिर, कभी जिहादी…” — ऑपरेशन सिंदूर के बाद जावेद अख्तर का बड़ा बयान, बोले: गालियां मेरी ज़िंदगी का हिस्सा हैं

मुंबई में हाल ही में हुए एक इवेंट में गीतकार और लेखक जावेद अख्तर एक बार फिर अपने तीखे और बेबाक अंदाज में नजर आए। पहलगाम आतंकी हमले और उससे जुड़े ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश में छिड़ी बहस के बीच जावेद अख्तर ने खुद को मिल रही प्रतिक्रिया पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है।

जावेद अख्तर ने कहा, “मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो सिर्फ एक तरफ की बात करें। जब आप हर तरफ से बात करते हैं, तो हर तरफ के लोग नाराज होते हैं।” उन्होंने बताया कि उन्हें दोनों पक्षों से गालियां मिलती हैं — कोई उन्हें ‘काफिर’ कहता है और कहता है कि वो नर्क जाएंगे, तो कोई उन्हें ‘जिहादी’ बुलाता है और पाकिस्तान भेजने की बात करता है।

अपने चिर-परिचित तंज भरे अंदाज में उन्होंने आगे कहा, “अगर मेरे पास ये दो ही ऑप्शन हैं — नर्क या पाकिस्तान — तो मैं नर्क जाना पसंद करूंगा।”

इवेंट में मौजूद ऑडियंस जावेद अख्तर की यह बात सुनकर तालियों से गूंज उठी। उन्होंने कहा कि गाली-गलौज अब उनकी जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी बताया कि अगर किसी एक पक्ष ने उन्हें गालियां देना बंद कर दीं, तो उन्हें लगेगा कि कुछ तो गड़बड़ हो रहा है।

उन्होंने यह भी शेयर किया कि अगर कोई उनसे कभी व्यक्तिगत रूप से मिले, तो वो उन्हें अपना ट्विटर और व्हाट्सएप दिखाएंगे, जहां दोनों तरफ से गालियां भरी पड़ी हैं। हालांकि, उन्होंने उन लोगों का शुक्रिया भी अदा किया जो उन्हें सपोर्ट करते हैं और उनके विचारों की सराहना करते हैं।

जावेद अख्तर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में ऑपरेशन सिंदूर के बाद संवेदनशील मुद्दों पर तीखी बहस हो रही है। उनका यह दो टूक और संतुलित दृष्टिकोण एक बार फिर इस बात का संकेत है कि वह न तो डरते हैं, न झुकते हैं — और न ही किसी एक विचारधारा की तरफ झुकने को तैयार हैं।

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