April 30, 2026

जालोर: 8 इंच बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कॉलेज की दीवार ढही, स्कूल बंद, जवाई बांध के तीन गेट खोले

राजस्थान के जालोर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक मात्र कुछ घंटों में 8 इंच तक बारिश दर्ज की गई, जिससे पूरा शहर जलमग्न हो गया। कई नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी घुस जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर की सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं और कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर शरण लेनी पड़ी।

भारी बारिश के चलते जवाई बांध लबालब भर गया। इसके बाद जल संसाधन विभाग ने पानी की निकासी शुरू करते हुए 2, 4 और 10 नंबर गेट को एक-एक फीट तक खोल दिया। नियंत्रित तरीके से पानी छोड़े जाने के बावजूद जवाई नदी और सुंदेलाव तालाब उफान पर हैं। तालाब के भर जाने से आसपास की कॉलोनियों में पानी घुस गया और कई घर प्रभावित हुए। जलभराव के चलते लोगों को रातभर परेशानियों का सामना करना पड़ा।

तेज बारिश और पानी के बहाव की मार शहर के वीर वीरमदेव कॉलेज पर भी पड़ी। कॉलेज की दीवार भरभराकर गिर गई, जिससे आसपास का इलाका पूरी तरह जलमग्न हो गया। रछोड़नगर जाने वाला रास्ता बंद हो गया और लोगों की आवाजाही ठप हो गई। भीनमाल रोड पर थर्ड फेस के पास इंडियन पेट्रोल पंप में भी पानी भर गया। जिले के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला। आहोर में 4.25 इंच, बागोड़ा में 4 इंच, चितलवाना और सांचौर में 8-8 इंच जबकि सायला में 3 इंच बारिश दर्ज की गई।

प्रशासन ने हालात को देखते हुए सोमवार को जिले भर के सभी स्कूलों (कक्षा 1 से 12 तक) में अवकाश घोषित कर दिया है। हालांकि, शिक्षकों और स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है। प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि नदी-नालों और बहाव वाले इलाकों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। मौसम विभाग ने भी आने वाले घंटों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।

लगातार हो रही बारिश और जवाई बांध से छोड़े जा रहे पानी की वजह से ग्रामीण इलाकों में भी जनजीवन प्रभावित है। कई छोटे-बड़े रास्ते बंद हो गए हैं और गांवों में पानी भर जाने से लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर हालात पर नजर बनाए रखी है, वहीं लोग दुआ कर रहे हैं कि बारिश का कहर जल्द थमे और जिंदगी पटरी पर लौट सके।

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