ITR फाइल करने का समय घटा, बचे हैं सिर्फ 43 दिन: फॉर्म भरते समय इन बातों का रखें ध्यान
आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर अब 15 सितंबर 2025 कर दी है। यानी टैक्सपेयर्स के पास अब सिर्फ 43 दिन बचे हैं अपना ITR फाइल करने के लिए। ऐसे में अगर आप फॉर्म भरने की तैयारी कर रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, वरना रिफंड में देरी, नोटिस या पेनल्टी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
पहली और सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं वह है गलत ITR फॉर्म चुनना। उदाहरण के लिए, अगर आपकी सालाना सैलरी ₹50 लाख से कम है और आपके पास कोई कैपिटल गेन नहीं है, तो ही आप ITR-1 फॉर्म भरें। गलत फॉर्म भरने पर विभाग आपको डिफेक्ट नोटिस भेज सकता है।
दूसरी अहम बात है ITR को ई-वेरिफाई करना। अगर आपने समय पर ITR फाइल कर भी दिया लेकिन उसे वेरिफाई नहीं किया, तो वह रिटर्न अधूरा माना जाएगा। ई-वेरिफिकेशन के लिए OTP, नेटबैंकिंग या आधार OTP जैसे विकल्प उपलब्ध हैं।
एक और आम गलती होती है गलत असेसमेंट ईयर (AY) चुनना। इस बार आपको असेसमेंट ईयर 2025-26 चुनना है, क्योंकि आप फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए ITR फाइल कर रहे हैं। गलत AY चुनने से रिटर्न रिजेक्ट हो सकता है या पेनल्टी लग सकती है।
इसके अलावा, केवल सैलरी की आय ही नहीं बल्कि बैंक ब्याज, FD ब्याज, किराया या कैपिटल गेन जैसी दूसरी इनकम भी रिटर्न में जरूर शामिल करें। ऐसा न करने पर आयकर विभाग की ओर से नोटिस आ सकता है। और अगर आपने कैपिटल गेन पर छूट का दावा करना है, तो सेक्शन 54, 54EC या 54F के तहत क्लेम करना न भूलें।
अंत में, सही टैक्स रिजीम का चुनाव करना भी बेहद जरूरी है। पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था में अंतर समझकर वही विकल्प चुनें जो आपके लिए फायदेमंद हो। इसके अलावा यदि आपने साल भर में पर्याप्त एडवांस टैक्स नहीं भरा है, तो उस पर ब्याज लग सकता है।
इन सभी जरूरी बातों को ध्यान में रखकर अगर आप ITR फाइल करते हैं, तो न केवल टैक्स से जुड़ी समस्याएं टलेंगी, बल्कि रिफंड भी समय पर मिल सकेगा।
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