ज्वाइंट प्रॉपर्टी पर किराए की इनकम का टैक्स कौन भरेगा? ITR फाइलिंग से पहले जान लें निय
अगर पति-पत्नी किसी मकान के संयुक्त मालिक हैं और उसे किराए पर दे रखा है, तो आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करते समय यह जानना जरूरी है कि उस रेंटल इनकम पर टैक्स किसे भरना होगा. कई लोग इस नियम को लेकर भ्रम में रहते हैं, लेकिन इनकम टैक्स एक्ट की धारा 26 इस स्थिति को स्पष्ट करती है.
इस धारा के मुताबिक, अगर कोई संपत्ति दो या अधिक लोगों के नाम पर है और उसमें हर मालिक का हिस्सा स्पष्ट रूप से तय है, तो उस संपत्ति से होने वाली किराए की आय को उन्हीं हिस्सों के अनुपात में बांटकर टैक्स के लिए गिना जाता है. मतलब, पति-पत्नी दोनों को अपने-अपने हिस्से की इनकम को अपनी व्यक्तिगत ITR में दिखाना होता है.
इसके अलावा, हर को-ओनर अपनी हिस्सेदारी पर सेक्शन 24 के तहत डिडक्शन जैसे स्टैंडर्ड डिडक्शन और ब्याज पर छूट का भी स्वतंत्र रूप से दावा कर सकता है. इससे टैक्स कैलकुलेशन में पारदर्शिता बनी रहती है और टैक्स देनदारी का उचित निर्धारण संभव होता है. टैक्स नियमों की यह व्यवस्था संयुक्त संपत्तियों के मालिकों के लिए काफी फायदेमंद है.
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