ईरान पर इजराइल का अगला हमला तय? इस्फहान न्यूक्लियर साइट को बनाया जा सकता है पहला निशाना
ईरान और इजराइल के बीच बीते महीने भड़की जंग थमी नहीं है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइल ने ईरान पर एक और हमले की योजना बना ली है, जिसमें इस्फहान न्यूक्लियर फैसिलिटी को सबसे पहले टारगेट बनाया जा सकता है।
22 जून को अमेरिका ने ऑपरेशन ‘मिडनाइट हैमर’ के तहत ईरान की तीन प्रमुख परमाणु साइट्स—इस्फहान, फोर्दो और नतांज—पर बमबारी की थी। अमेरिका का दावा था कि इन साइट्स को पूरी तरह तबाह कर दिया गया, लेकिन अब खुफिया एजेंसियों के ताजा इनपुट से साफ हो गया है कि इस्फहान में यूरेनियम स्टॉक अब भी बरकरार है।
इजराइली खुफिया सूत्रों के अनुसार, इस्फहान फैसिलिटी में गहराई में समृद्ध यूरेनियम अब भी मौजूद है, जिसे ईरान दोबारा निकाल सकता है। यही आशंका इजराइल को सताए हुए है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगर ईरान ने रिकवरी की कोशिश की, तो इस्फहान पर हमला निश्चित है।
22 जून के हमले में अमेरिकी B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स और टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ था, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन हमलों ने यूरेनियम स्टॉक को कितना नुकसान पहुंचाया।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने हमले के बाद माना कि नुकसान हुआ है, लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि इन साइट्स तक अभी अधिकारियों को पहुंच नहीं मिली है। साथ ही उन्होंने IAEA से सहयोग की बात तो कही, लेकिन फिलहाल जांच की अनुमति नहीं दी गई है।
इजराइल अब दो रणनीतियों पर काम कर रहा है—एक तरफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी, तो दूसरी ओर कूटनीतिक संवाद के रास्ते खुले हैं। आने वाले हफ्तों में तय होगा कि तनाव का यह दौर युद्ध की ओर बढ़ेगा या बातचीत से हल निकलेगा।
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