May 5, 2026

IPO से छाई कंपनियों की बहार, हिचकोले खाते बाजार में भी कमाए 45 हजार करोड़

शेयर बाजार भले ही साल 2025 की पहली छमाही में अस्थिरता से जूझता रहा हो, लेकिन कंपनियों के लिए यह अवधि कमाई के लिहाज से जबरदस्त साबित हुई। जनवरी से जून के बीच केवल 24 कंपनियों ने आईपीओ लॉन्च किए, लेकिन इसके जरिए 45,351 करोड़ रुपये जुटा लिए गए। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 45% अधिक है, जब 36 कंपनियों ने कुल 31,281 करोड़ रुपये इकट्ठा किए थे।

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तेजी के पीछे कई अहम वजहें रहीं—मजबूत घरेलू निवेश प्रवाह, सकारात्मक निवेशक भावनाएं और ग्रोथ की संभावनाएं। हालांकि आईपीओ की संख्या घटी, लेकिन प्रति आईपीओ जुटाई गई रकम में भारी बढ़ोतरी देखी गई। इसका मतलब है कि कम कंपनियों ने लेकिन ज्यादा रकम जुटाई, जिससे एवरेज आईपीओ साइज काफी बढ़ गया।

जेएम फाइनेंशियल की एमडी नेहा अग्रवाल बताती हैं कि भले ही ग्लोबल ट्रेड टेंशन और आर्थिक अनिश्चितताओं का असर बाजार सेंटिमेंट पर रहा, लेकिन इसके बावजूद कंपनियों ने फंड जुटाने में बड़ी सफलता हासिल की। इतना ही नहीं, 2025 की पहली छमाही में 118 कंपनियों ने SEBI के पास अपने आईपीओ डॉक्यूमेंट फाइल किए हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या केवल 52 थी।

इस दौरान लॉन्च हुए प्रमुख आईपीओ में HDB फाइनेंशियल सर्विसेज ने सबसे आगे रहते हुए 12,500 करोड़ रुपये जुटाए, उसके बाद हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज ने 8,750 करोड़, श्लॉस बेंगलूर ने 3,500 करोड़ और एथर एनर्जी ने 2,981 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया। दिलचस्प बात यह रही कि इन कंपनियों ने ज्यादातर फंड का इस्तेमाल बिजनेस एक्सपैंशन, डेट चुकता करने और वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए किया।

इन आंकड़ों से साफ है कि आईपीओ मार्केट ने न सिर्फ अस्थिर बाजार में खुद को टिकाए रखा, बल्कि निवेशकों को औसतन 25% रिटर्न भी दिया। 67% आईपीओ को लिस्टिंग के समय ही प्रीमियम मिला। जुलाई में अब तक चार आईपीओ आ चुके हैं और कम से कम पांच और लाइन में हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि साल की दूसरी छमाही में भी आईपीओ मार्केट सतर्क लेकिन मजबूत बना रहेगा।

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