दिल्ली: हुंडई के बाद एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का IPO लॉन्च, टाटा कैपिटल से होगी सीधी टक्कर
फेस्टिव सीजन में बड़ा दांव, 11,607 करोड़ जुटाने की तैयारी — निवेशकों के लिए लंबी अवधि का मौका
भारत के शेयर बाजार में आज यानी मंगलवार से दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया (LGEI) का IPO लॉन्च हो गया है। यह पिछले एक साल में दूसरी कोरियाई कंपनी है जो भारतीय बाजार में उतर रही है। इससे पहले हुंडई इंडिया ने करीब 27 हजार करोड़ रुपये के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ से बाजार में तहलका मचा दिया था। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एलजी भी हुंडई की तरह निवेशकों को शानदार रिटर्न दे पाएगी या नहीं।
एलजी का आईपीओ: निवेशकों की दिलचस्पी और खास आंकड़े
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया इस आईपीओ के जरिए 11,607 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित है, जिसके बाद कंपनी के प्रमोटर की हिस्सेदारी 100% से घटकर 85% रह जाएगी। एलजी का आईपीओ 7 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक खुला रहेगा। कंपनी ने प्राइस बैंड 1,080 से 1,140 रुपये प्रति शेयर तय किया है। वहीं, एक लॉट में कम से कम 13 शेयरों में निवेश करना अनिवार्य होगा। रिटेल निवेशकों के लिए 35% हिस्सेदारी आरक्षित रखी गई है।
अगर इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया, तो कंपनी का मार्केट कैप 77,380 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का नेटवर्थ पर रिटर्न (ROE) 37.1% रहा, जो अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले (9%–19%) काफी बेहतर है। इसीलिए एनालिस्ट मान रहे हैं कि एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से एक मजबूत दांव हो सकता है।
कंपनी की ताकत: मैन्युफैक्चरिंग और मार्केट शेयर
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया की स्थापना 1997 में कोरिया की एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की सहायक इकाई के रूप में हुई थी। कंपनी मोबाइल को छोड़कर सभी घरेलू उपकरणों और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में मार्केट लीडर है। नोएडा और पुणे में स्थित इसके दो बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स हैं, जिनकी क्षमता उपयोग क्रमशः 81% और 73% है। इसके अलावा, कंपनी आंध्र प्रदेश में एक नई यूनिट स्थापित कर रही है जो 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआत में वहां एयर कंडीशनर और कंप्रेसर बनाए जाएंगे, बाद में वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर का उत्पादन भी जोड़ा जाएगा।
वर्तमान में कंपनी अपने उत्पादों का निर्यात एशिया, अफ्रीका और यूरोप के 47 देशों में करती है। वित्त वर्ष 2023 से 2025 के बीच कंपनी का रेवेन्यू 10.8% और प्रॉफिट 28% की दर से बढ़ा है। यही नहीं, इसका EBITDA मार्जिन भी दो साल में 9.5% से बढ़कर 12.8% तक पहुंच गया है।
टाटा कैपिटल का कमजोर प्रदर्शन, एलजी के लिए मौका
वहीं दूसरी ओर, टाटा कैपिटल लिमिटेड का IPO उम्मीद से धीमी शुरुआत के साथ जारी है। पहले दिन इसे सिर्फ 39% बोलियां मिलीं। इसमें QIBs से 52%, रिटेल निवेशकों से 35%, और गैर-संस्थागत निवेशकों से 29% अभिदान प्राप्त हुआ। टाटा कैपिटल ने पहले ही 4,642 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं, लेकिन इसका कुल पब्लिक इश्यू 15,512 करोड़ रुपये का है।
क्या दोहराया जा सकेगा हुंडई का इतिहास?
हुंडई ने अपने आईपीओ के बाद निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया था, और अब बाजार में यही सवाल गूंज रहा है — क्या एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स भी वही करिश्मा दोहरा पाएगी? विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति, उच्च रिटर्न, और बढ़ते घरेलू बाजार को देखते हुए इसकी संभावनाएं काफी उज्जवल हैं। अगर सब कुछ उम्मीद के मुताबिक रहा, तो एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का आईपीओ भारतीय निवेश इतिहास में एक और बड़ा मील का पत्थर बन सकता है।
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