IPL 2025: कप्तानी में ढलती चमक, लेकिन ग्लव्स से चमका ‘कैप्टन कूल’, धोनी ने रचा ऐसा इतिहास जिसे तोड़ना अब नामुमकिन!
आईपीएल के मंच पर जब भी ‘धोनी’ का नाम लिया जाता है, तो आंकड़े खुद-ब-खुद झुकने लगते हैं। चाहे बल्ला शांत हो या कप्तानी सवालों के घेरे में, लेकिन धोनी का ग्लव्स पहनकर मैदान पर उतरना आज भी इतिहास लिख देता है। 8 मई 2025, केकेआर के खिलाफ भले ही चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा हो, लेकिन इस मुकाबले में एमएस धोनी ने वो कारनामा कर दिखाया जिसे आज तक कोई नहीं कर सका।
200 डिसमिसल – IPL में धोनी की नई बुलंदी
चेन्नई सुपर किंग्स के इस मुकाबले में 2 विकेट से जीत तो रही ही, लेकिन असली चर्चा धोनी की उस उपलब्धि की रही जिसे क्रिकेट के इस सबसे बड़े टी20 मंच पर अब तक कोई नहीं छू सका। धोनी अब आईपीएल इतिहास के पहले विकेटकीपर बन गए हैं जिन्होंने 200 डिसमिसल पूरे कर लिए हैं।
धोनी ने ये कीर्तिमान उस वक्त हासिल किया जब उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के विस्फोटक बल्लेबाज सुनील नारायण को स्टंप आउट किया। यह स्टंपिंग नूर अहमद की गेंद पर हुई और नारायण 17 गेंदों में 26 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इस विकेट के साथ धोनी के नाम आईपीएल में 153 कैच और 47 स्टंपिंग हो गईं, जो उन्हें कुल 200 डिसमिसल के ऐतिहासिक आंकड़े तक ले गईं।
धोनी की कप्तानी में मिली जीत, बल्ले से निभाई जिम्मेदारी
इस मुकाबले में धोनी ने बल्ले से भी टीम के लिए उपयोगी पारी खेली। उन्होंने नाबाद रहते हुए 18 गेंदों में 17 रन बनाए और मुश्किल समय में टीम को जीत के करीब पहुंचाने में मदद की। उनकी यह पारी आंकड़ों में भले ही बड़ी न लगे, लेकिन हालात और दबाव को देखते हुए यह बेहद अहम रही।
200 डिसमिसल: क्यों है यह रिकॉर्ड खास?
धोनी से पीछे इस सूची में दिनेश कार्तिक का नाम आता है, जिनके नाम 174 डिसमिसल हैं। लेकिन अब जबकि कार्तिक रिटायर हो चुके हैं और धोनी अभी भी मैदान पर सक्रिय हैं, ऐसे में इस रिकॉर्ड के टूटने की संभावना न के बराबर है।
आईपीएल में धोनी ने अब तक 276 मैच खेले हैं और इतने लंबे करियर में उनका निरंतर प्रदर्शन, खासकर विकेटकीपिंग में, इस बात का प्रमाण है कि फिटनेस, फोकस और फुर्ती का दूसरा नाम ‘धोनी’ है।
धोनी की ये उपलब्धि क्यों रह जाएगी अमर?
विकेटकीपिंग में 200 डिसमिसल सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि स्थिरता और निरंतरता का प्रतीक है। जहां खिलाड़ी कुछ सीजन में ही छंट जाते हैं, वहीं धोनी ने 17 साल के आईपीएल इतिहास में लगातार अपने प्रदर्शन से टीम को संबल दिया है।
उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को अब चुनौती देना आसान नहीं होगा—क्योंकि इसके लिए न सिर्फ तकनीक, बल्कि वक्त, संयम और लगातार फिट बने रहने की कला भी चाहिए।
क्या यही है धोनी का आखिरी झुकाव?
आईपीएल 2025 में कप्तान के रूप में धोनी का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुसार नहीं रहा, और सीएसके का सफर भी उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। लेकिन यह रिकॉर्ड उनके कद को और ऊंचा कर गया है।
अब सवाल यह उठ रहा है—क्या धोनी इस ऐतिहासिक आंकड़े को छूने के बाद अब बल्ला और ग्लव्स दोनों को हमेशा के लिए अलविदा कहेंगे, या उनके पास अभी और भी इतिहास लिखना बाकी है?
जो भी हो, लेकिन इतना तय है—धोनी सिर्फ नाम नहीं, एक युग है… और यह रिकॉर्ड उस युग की अमिट छाप बनकर हमेशा के लिए आईपीएल के इतिहास में दर्ज हो चुका है।
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