April 18, 2026

भारत में रिकॉर्ड उत्पादन की तैयारी में iPhone, कर्नाटक से जून में होगी शुरुआत – क्या भारत बन रहा है एपल का नया ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब?

भारत अब सिर्फ एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि iPhone जैसे प्रीमियम स्मार्टफोन की मैन्युफैक्चरिंग में वैश्विक स्तर पर खुद को साबित करने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुका है। इस बात की पुष्टि खुद एपल के सीईओ टिम कुक ने की है कि अमेरिका में जून तिमाही के दौरान बिकने वाले अधिकांश iPhone अब भारत में बनाए जाएंगे। यह सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक टेक्नोलॉजी और जियोपॉलिटिक्स के लिए भी एक बड़ा संकेत है।

कर्नाटक के देवनहल्ली में फॉक्सकॉन का नया प्लांट तैयार
कर्नाटक के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री एम. बी. पाटिल ने जानकारी दी है कि देवनहल्ली स्थित सूचना प्रौद्योगिकी निवेश क्षेत्र (ITIR) में ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन की यूनिट उत्पादन शुरू करने के लिए लगभग तैयार है। फॉक्सकॉन, जो एपल के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग करती है, जून की शुरुआत से ही iPhone की कमर्शियल सप्लाई शुरू करने जा रही है। इस यूनिट के तैयार होने से भारत में एपल के उत्पादन की गति और रफ्तार दोनों में जबरदस्त इजाफा होगा।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ‘मील का पत्थर’
पाटिल ने इस मौके को एक ऐतिहासिक मोड़ बताया और सोशल मीडिया पर लिखा, “यह केवल एक मैन्युफैक्चरिंग उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह एक रणनीतिक बदलाव है जो भारत को एपल के पसंदीदा उत्पादन स्थल की ओर ले जा रहा है।” उन्होंने कहा कि यह बदलाव कर्नाटक को वैश्विक विनिर्माण के मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करेगा और राज्य में विदेशी निवेश के नए रास्ते खोलेगा।

क्यूपर्टिनो से मैसूरु तक कर्नाटक की गूंज
कंपनी ने बेंगलुरु ग्रामीण जिले के डोड्डाबल्लापुरा और देवनहल्ली तालुक में स्थित आईटीआईआर क्षेत्र में 300 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है। मंत्री पाटिल ने कहा, “एक कन्नड़ व्यक्ति के रूप में यह मेरे लिए गर्व की बात है कि कर्नाटक अब वैश्विक सुर्खियों में है – क्यूपर्टिनो से लेकर मैसूरु तक।” यह बयान सिर्फ राज्य की तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि उसकी वैश्विक साख को भी दर्शाता है।

भारत में निवेश जारी रखेगा एपल
एपल ने भारत सरकार को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उसके भारत में निवेश की योजनाओं में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत में एपल की मैन्युफैक्चरिंग प्रजेंस को लेकर की गई आलोचना के बाद भी, कंपनी ने भारत को एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग बेस के रूप में बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

भारत, विशेष रूप से कर्नाटक, अब न केवल iPhone उत्पादन में बड़ी भूमिका निभाने जा रहा है, बल्कि एपल जैसी ग्लोबल टेक कंपनी के लिए एक भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग बेस भी बनता जा रहा है। यह परिवर्तन भारत के आर्थिक परिदृश्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है और आने वाले वर्षों में टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग में देश की भूमिका को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।

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