गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, लगातार तीसरे महीने सस्ता हुआ कमर्शियल सिलेंडर, घरेलू रसोई गैस के दाम स्थिर
देश के आम उपभोक्ताओं और कारोबारियों के लिए जून की शुरुआत राहत भरी खबर के साथ हुई है। भारतीय ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने जून माह की पहली तारीख को कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव किया है। जहां घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत लगातार तीसरे महीने घटाई गई है। यह राहत ऐसे समय में मिली है जब महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए रसोई और व्यापार दोनों स्तर पर खर्च कम होना एक बड़ी राहत मानी जा रही है।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगातार गिरावट
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में IOCL ने लगातार तीसरे महीने कटौती की है। तीन महीनों में कुल मिलाकर कमर्शियल सिलेंडर करीब 80 रुपए से अधिक सस्ता हो चुका है। हालांकि, जून के महीने में सिलेंडर की कीमतों में आंशिक वृद्धि हुई है, लेकिन इसके बावजूद अब देश के किसी भी महानगर में इसकी कीमत 1900 रुपए से ऊपर नहीं है।
जून में दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 24 रुपए बढ़कर 1,723.50 रुपए हो गई है। कोलकाता में 25.5 रुपए की बढ़ोतरी के बाद यह 1,826 रुपए हो गई है। मुंबई में यह दाम 24.5 रुपए बढ़कर 1,674.50 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं चेन्नई में 25 रुपए की बढ़ोतरी के बाद कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1,881 रुपए हो गई है।
तीन महीने की कुल गिरावट
मार्च के बाद से अब तक दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में कुल 79.5 रुपए की कमी हो चुकी है। कोलकाता में यह गिरावट सबसे ज्यादा 87 रुपए की रही है। मुंबई में तीन महीनों में सिलेंडर 81 रुपए सस्ता हुआ है, जबकि चेन्नई में कीमत 84 रुपए तक कम हो चुकी है।
घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर
वहीं दूसरी ओर, घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में जून में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 8 अप्रैल को सरकार द्वारा की गई 50 रुपए की बढ़ोतरी के बाद से घरेलू सिलेंडर के दाम यथावत बने हुए हैं। देश के चारों प्रमुख महानगरों में वर्तमान में घरेलू सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हैं:
दिल्ली: ₹853 प्रति सिलेंडर
कोलकाता: ₹879 प्रति सिलेंडर
मुंबई: ₹852.50 प्रति सिलेंडर
चेन्नई: ₹868.50 प्रति सिलेंडर
क्यों है यह राहत मायने रखती
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में यह लगातार गिरावट होटल, रेस्टोरेंट और अन्य छोटे व्यवसायों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जो हर महीने सिलेंडर की लागत में भारी बदलाव का सामना करते हैं। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भले ही जून में कोई राहत नहीं मिली हो, लेकिन कीमतों का स्थिर रहना ही फिलहाल एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।
अगर भविष्य में भी यही ट्रेंड बना रहता है तो रसोई का खर्च कुछ हद तक संतुलित रह सकता है और छोटे व्यवसायों के लिए ऑपरेशनल खर्चों में राहत मिल सकती है। सरकार यदि घरेलू गैस पर सब्सिडी या कीमतों में कटौती की ओर कदम उठाती है, तो यह राहत और बढ़ सकती है।
कुल मिलाकर, लगातार तीसरे महीने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में आई गिरावट और घरेलू सिलेंडर के दामों का स्थिर रहना आम लोगों और कारोबारियों दोनों के लिए एक सुखद संदेश है।
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