लखनऊ: इंस्टाग्राम पर आत्महत्या का पोस्ट डालने वाला छात्र बचा, मेटा अलर्ट और यूपी पुलिस की तत्परता से टली जान
लखनऊ और इटावा पुलिस की सतर्कता के साथ मेटा कंपनी के अलर्ट ने एक 23 वर्षीय छात्र की जिंदगी बचा ली। आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस युवक ने देर रात इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़ा संदेश पोस्ट किया था और रेलवे ट्रैक की ओर निकल पड़ा था। मेटा ने तुरंत डीजीपी मुख्यालय को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर युवक को आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया।
मामला 4 सितंबर की देर रात का है, जब युवक ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “आज मैं नहीं रहूंगा। मेरी मम्मी को संभाल लेना। वो बहुत दुखी होंगी। मैं रेल की पटरी पर मरने के लिए बैठा हूं।” इस भावुक पोस्ट के बाद युवक के जान देने का खतरा बढ़ गया। रात 11:33 बजे मेटा कंपनी ने युवक की पोस्ट का अलर्ट ई-मेल के जरिए लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर को भेजा।
अलर्ट मिलते ही डीजीपी राजीव कृष्णा ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। सोशल मीडिया सेंटर ने तकनीकी मदद से युवक का मोबाइल नंबर और लोकेशन ट्रेस की और इटावा पुलिस को भेज दी। इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस सक्रिय हुई और महज 10 मिनट के भीतर युवक तक पहुंच गई। समय रहते पुलिस ने उसे आत्महत्या से रोक लिया और सुरक्षित घर पहुंचाया।
पुलिस की जांच में सामने आया कि युवक किराए के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। लेकिन लगातार आर्थिक तंगी और मकान का किराया न चुका पाने की वजह से वह अवसाद में चला गया था। इसी तनाव में उसने अपनी जान देने का निर्णय लिया था।
यह मामला न केवल पुलिस की तत्परता और मेटा की तकनीकी सतर्कता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि समय रहते कदम उठाया जाए तो बड़ी घटनाओं को टाला जा सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर सतर्कता और त्वरित सूचना साझा करना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी मासूम जान को बचाया जा सके।
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