जो रूट अकेले पड़ गए भारतीय टीम पर भारी, शतकों के मामले में पूरा स्क्वाड भी नहीं पहुंचा पास
इंग्लैंड बनाम भारत टेस्ट सीरीज की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन सीरीज शुरू होने से पहले ही आंकड़े एक चौंकाने वाली हकीकत सामने ला रहे हैं। इंग्लैंड के जो रूट अकेले इतने शतक जमा चुके हैं, जितने भारतीय टीम का पूरा स्क्वाड मिलकर भी नहीं बना पाया। ये आंकड़ा न सिर्फ रूट की महानता को दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि इंग्लिश सरज़मीं पर भारत की युवा ब्रिगेड को कितनी बड़ी चुनौती का सामना करना होगा।
जो रूट के बल्ले से निकले 36 शतक, अकेले पड़ गए 29 के मुकाबले में भारी
153 टेस्ट मैचों में 13006 रन बना चुके जो रूट के नाम 36 शतक और 65 अर्धशतक हैं। ये शतक अकेले भारत के खिलाफ भी 10 हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 218 रन का रहा है। यही नहीं, उन्होंने टीम इंडिया के खिलाफ 30 टेस्ट मैचों में 2846 रन ठोक दिए हैं। इतने आंकड़े अकेले किसी एक बल्लेबाज के हों, और वो भी ऐसे दौर में जब भारत के रोहित शर्मा, विराट कोहली और अश्विन जैसे दिग्गज संन्यास ले चुके हों—तो यह साफ है कि इस बार जो रूट टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ी दीवार बन सकते हैं।
भारतीय स्क्वाड में कुल 29 टेस्ट शतक, वो भी सात खिलाड़ियों के दम पर
इंग्लैंड दौरे पर गई टीम इंडिया युवा और नए चेहरों से सजी है। स्क्वाड में शामिल केवल 7 खिलाड़ी ही टेस्ट शतक जमा पाए हैं:
शुभमन गिल: 5 शतक
ऋषभ पंत: 6 शतक
यशस्वी जायसवाल: 4 शतक
केएल राहुल: 8 शतक
करुण नायर: 1 शतक
नीतीश रेड्डी: 1 शतक
रवींद्र जडेजा: 4 शतक
इन सभी को मिलाकर कुल 29 टेस्ट शतक बनते हैं—जो रूट के 36 शतकों से 7 कम। बाकी स्क्वाड के खिलाड़ियों में से किसी के पास टेस्ट क्रिकेट में शतक का अनुभव नहीं है।
भारत के खिलाफ पहले टेस्ट में उतरेंगे जो रूट
इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन घोषित कर दी है, जिसमें जो रूट का नाम भी शामिल है। ऐसे में यह तय है कि रूट मैदान में उतरेंगे और भारतीय गेंदबाजों की अग्नि परीक्षा लेंगे। बीते रिकॉर्ड को देखें तो रूट भारत के खिलाफ हमेशा ही बड़ी पारियां खेलने में माहिर रहे हैं।
नया भारत बनाम अनुभवी रूट — रोमांच तय
इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल हैं, जबकि ऋषभ पंत उपकप्तान होंगे। टीम में साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, नीतीश रेड्डी, ध्रुव जुरेल, हर्षित राणा जैसे नाम पहली बार या सीमित अनुभव के साथ शामिल हैं। ऐसे में रूट जैसा दिग्गज बल्लेबाज़ एक अकेली चुनौती नहीं बल्कि एक बड़ी रणनीतिक बाधा बनकर सामने होगा।
जो रूट बनाम युवा भारत—यह मुकाबला न सिर्फ रन बनाने की होड़ होगी, बल्कि अनुभव और ऊर्जा की टक्कर भी साबित होगी। जो रूट के बल्ले की ताकत और उनका रिकॉर्ड भारतीय गेंदबाजों की परीक्षा लेगा, जबकि भारत के युवाओं के पास खुद को साबित करने का सुनहरा मौका होगा। पहला टेस्ट 20 जून से शुरू हो रहा है—और सबकी निगाहें अब उसी ओर हैं।
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