April 25, 2026

भारत के प्रहार से पाकिस्तान में मचा कोहराम, लाहौर से इस्लामाबाद तक दहशत, हाई लेवल बैठक में जुटी पाक सेना

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की सख्त और सुनियोजित जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान में भारी हड़कंप मच गया है। भारतीय वायुसेना और ड्रोन यूनिट ने लाहौर, कराची, रावलपिंडी, सियालकोट, बहावलपुर, इस्लामाबाद सहित पाकिस्तान के नौ प्रमुख शहरों में स्थित सैन्य ठिकानों और एयर डिफेंस सिस्टम पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे पाकिस्तान का चीनी तकनीक वाला HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम भी ध्वस्त हो गया। इस कार्रवाई में इजरायली हारोप ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। भारत के हमले से घबराकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सैन्य और सुरक्षा सलाहकारों के साथ आपात उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, वहीं पाक सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने भारत द्वारा 12 ड्रोन हमलों की पुष्टि की और लाहौर के एयर डिफेंस सिस्टम पर हमले को स्वीकार किया।

पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया स्वरूप जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज जैसे शहरों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारत की एकीकृत काउंटर यूएएस ग्रिड और एयर डिफेंस प्रणालियों ने इन हमलों को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया। पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी गोलीबारी की, जिसे भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब देकर शांत किया। भारतीय सेना ने जानकारी दी है कि अब तक पाकिस्तान के 50 से अधिक ड्रोन गिराए जा चुके हैं।

कराची बंदरगाह पर भी भारत की नौसेना ने मोर्चा संभालते हुए आठ से दस मिसाइलें दागीं और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी में ले लिया। भारत ने पाकिस्तान के दो जेएफ-17 और एक एफ-16 फाइटर जेट को भी मार गिराया, जिनके पायलटों में से दो को जैसलमेर और अखनूर में जीवित पकड़ा गया है। गुरुवार रात जम्मू में हुए विस्फोटों को भी भारत के एयर डिफेंस सिस्टम—S-400 और आकाश—ने प्रभावशाली ढंग से निष्क्रिय कर दिया। रॉयटर्स के एक पत्रकार के अनुसार, रातभर जम्मू में सायरन बजते रहे और आसमान में लाल रोशनी और प्रोजेक्टाइल्स की चमक देखी गई।

भारत की ओर से की गई यह कार्रवाई न केवल एक सैन्य जवाब थी, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी था कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ किसी भी दुस्साहस को पूरी ताकत से कुचला जाएगा। पाकिस्तान की हर नाकाम कोशिश के बाद अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस तनावपूर्ण स्थिति पर टिकी हैं।

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