IND vs ENG: टेस्ट इतिहास में अब तक भारत को इंग्लैंड की धरती पर मिली ज्यादातर शिकस्तें, इस बार भी नहीं होगा आसान सफर!
भारतीय क्रिकेट टीम एक बार फिर से इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण जमीन पर टेस्ट क्रिकेट की सबसे कठिन परीक्षा देने को तैयार है। 20 जून से शुरू हो रही पांच मैचों की लंबी टेस्ट सीरीज भारत और इंग्लैंड के बीच इतिहास रचने का एक और मौका लेकर आ रही है, लेकिन इससे पहले एक कड़वी सच्चाई यह भी है कि इंग्लैंड का दौरा टीम इंडिया के लिए कभी भी आसान नहीं रहा। अगर आंकड़ों की बात करें, तो भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए टेस्ट मैचों का इतिहास कुछ ऐसा है जो भारतीय फैंस के लिए चिंता बढ़ा सकता है।
भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत आज़ादी से भी पहले, 1932 में हुई थी। तब से अब तक दोनों देशों के बीच कुल 136 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं। इन मुकाबलों में भारत ने सिर्फ 35 मैच जीते हैं, जबकि इंग्लैंड ने 51 टेस्ट अपने नाम किए हैं। वहीं 50 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं, जो यह साफ संकेत देता है कि जब बात टेस्ट क्रिकेट की आती है, तो इंग्लैंड का पलड़ा भारी रहा है।
इतिहास पर नजर डालें तो खासकर इंग्लैंड की धरती पर भारत को काफी संघर्ष करना पड़ा है। विदेशी पिचों पर स्विंग और सीम की चुनौती, इंग्लिश कंडीशंस में ढलने की कठिनाई और मेजबान टीम की घरेलू परिस्थितियों की पकड़—ये सभी कारक भारतीय टीम के लिए बड़ी बाधाएं साबित हुए हैं।
इस बार भारत को 5 मैचों की सीरीज खेलनी है, और अभी तक बीसीसीआई ने इसके लिए टीम स्क्वाड का ऐलान नहीं किया है। हालांकि उम्मीद की जा रही है कि नए टेस्ट कप्तान के नाम के साथ एक संतुलित और युवा चेहरों से भरी टीम की घोषणा जल्द होगी। कोहली के रिटायरमेंट और रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर संशय के बीच कप्तानी को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है।
यह दौरा सिर्फ एक सीरीज नहीं, बल्कि भारत के टेस्ट भविष्य के लिए अग्निपरीक्षा की तरह होगा। जहां एक ओर टीम को नई कप्तानी और रणनीतियों के साथ खुद को स्थापित करना है, वहीं दूसरी ओर इंग्लैंड को उसी की सरज़मीं पर मात देने का दुर्लभ मौका भी सामने है। इतिहास के पन्नों को पलटना आसान है, लेकिन उसे दोहराना नहीं—और भारत इस बार उसी इतिहास को पलटने की कोशिश में उतरेगा।
Share this content:
