महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में आज भारत और ऑस्ट्रेलिया आमने-सामने हैं। ऑस्ट्रेलिया की टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है और लगातार 15 मैचों से जीत के सिलसिले पर सवार है। ऐसे में भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस विजय रथ को रोकने की है। लेकिन टीम इंडिया के पास न केवल हौसला है, बल्कि इतिहास से मिली प्रेरणा भी है। जब-जब ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जीत की लकीर लंबी खींची है, भारत ने ही उसका अंत किया है।
क्रिकेट इतिहास में भारतीय टीम पहले भी दो बार ऑस्ट्रेलिया की लगातार जीत का सिलसिला तोड़ चुकी है। 2001 में सौरव गांगुली की कप्तानी में भारत ने कोलकाता टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की 16 मैचों की जीत की श्रृंखला तोड़ी थी। इसके बाद 2008 में, पर्थ टेस्ट में टीम इंडिया ने एक बार फिर वही कारनामा दोहराया और ऑस्ट्रेलिया के 16 मैचों के विनिंग स्ट्रीक को समाप्त किया। वह जीत ऐतिहासिक इसलिए भी थी क्योंकि भारत एशिया की पहली टीम बनी जिसने पर्थ की तेज़ पिच पर ऑस्ट्रेलिया को हराया था।
अब वही मौका भारतीय महिलाओं के सामने है — तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया के विजय रथ को रोकने का। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में उतर रही 11 भारतीय खिलाड़ी इस मिशन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम 2017 वर्ल्ड कप के बाद से किसी भी आईसीसी नॉकआउट मैच में नहीं हारी है। लेकिन यह भी सच है कि आखिरी बार उसे नॉकआउट में हराने वाली टीम भी भारत ही थी।
2017 के महिला वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में हरमनप्रीत कौर ने अपने बल्ले से इतिहास रच दिया था। उन्होंने 115 गेंदों पर नाबाद 171 रनों की आतिशी पारी खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया को 36 रन से हराया था। उस जीत ने भारतीय महिला क्रिकेट को नई पहचान दी थी और दिखाया था कि यह टीम बड़े मौकों पर किसी भी दिग्गज को मात देने का दम रखती है। आज वही कप्तान, वही जोश और वही मिशन टीम इंडिया के साथ है।
इतिहास की गवाही, हौसले की उड़ान और घरेलू दर्शकों का समर्थन — ये तीनों कारक भारत को इस बार भी जीत की ओर बढ़ा सकते हैं। नवी मुंबई के मैदान पर होने वाले इस सेमीफाइनल में भारत को घरेलू परिस्थितियों का फायदा भी मिलेगा, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया इस मैदान पर पहली बार खेलने उतरेगी। अब देखना यह है कि क्या हरमनप्रीत की टीम एक बार फिर इतिहास दोहराकर महिला क्रिकेट में नई कहानी लिख पाती है। अगर भारत यह मुकाबला जीतता है, तो यह सिर्फ एक फाइनल में जगह नहीं होगी, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के वर्चस्व को चुनौती देने वाली ऐतिहासिक जीत साबित होगी।
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