April 19, 2026

“23 मिनट में दुश्मन तबाह, IMF के सामने झोली फैलाए पाकिस्तान पर भारत की गरज” — राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर से किया पड़ोसी को शर्मसार

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की गूंज अब पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की बदलती रणनीति और आत्मनिर्भर सैन्य ताकत का ऐलान था। लेकिन इस अभियान की सफलता से पाकिस्तान इतना बौखला गया कि अपनी नाकामी को “बड़ी जीत” कहने लगा। इसी पर जब देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवाब दिया, तो उनके शब्दों ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर घोर शर्मिंदगी की स्थिति में ला खड़ा किया।

रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को सीधा संदेश देते हुए कहा, “अभी भारत ने पाकिस्तान को प्रोबेशन पर रखा है। अगर गतिविधियां नहीं सुधरीं तो और कठोर कदम उठाए जाएंगे।” उन्होंने खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया था और यह अभियान एक नई तरह की सैन्य रणनीति का उदाहरण है। भारत के फाइटर प्लेन अब सरहद पार किए बिना भी दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त कर सकते हैं — और इस बार कई एयरबेस तक तबाह कर दिए गए।

राजनाथ सिंह ने भारतीय वायुसेना की 23 मिनट की कार्रवाई को याद करते हुए कहा, “लोग जितनी देर में नाश्ता करते हैं, उतनी देर में हमारे सैनिकों ने दुश्मनों को निपटा दिया।” उन्होंने यह भी कहा कि “ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तान को रात के अंधेरे में दिन का उजाला दिखा दिया।”

पाकिस्तान की बदहाली पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “पाकिस्तान IMF से कर्ज मांगते-मांगते इस हालत में आ गया है कि जहां वह खड़ा होता है, वहीं से मांगने वालों की लाइन शुरू हो जाती है। और दूसरी ओर भारत आज उन देशों में है जो IMF को कर्ज देते हैं।”

राजनाथ सिंह ने IMF को भी चेताया और कहा कि “पाकिस्तान को दी जाने वाली किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता आतंक की फंडिंग के समान है। IMF को पुनर्विचार करना चाहिए कि वह किसे और क्यों पैसा दे रहा है।”

उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर सौंदर्य नहीं, संकल्प का प्रतीक है। यह आतंकवाद के माथे पर खींची गई वो लाल लकीर है, जिसे अब कोई मिटा नहीं सकता। पाकिस्तान ने धर्म देखकर बेगुनाहों की जान ली — वो उसका कर्म था। हमने उनका कर्म देखकर उनका खात्मा किया — ये हमारा भारतीय धर्म था।”

यह पूरा बयान न सिर्फ पाकिस्तान को करारा जवाब है, बल्कि भारत की नई सैन्य और कूटनीतिक नीति का स्पष्ट संकेत भी। अब भारत चुप नहीं बैठता — जवाब देता है, और ऐसा जवाब देता है जिसकी गूंज सिर्फ सरहद तक सीमित नहीं रहती, बल्कि दुनिया सुनती है।

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