April 21, 2026

मिनिमम बैलेंस के नाम पर बैंक कर रहे आपकी जेब कटौती, ICICI से लेकर HDFC तक में ये हैं लिमिट्स

हाल ही में ICICI बैंक ने अपने सेविंग्स अकाउंट में मिनिमम बैलेंस की रकम पांच गुना बढ़ाकर 10 हजार से 50 हजार रुपये कर दी है। इस फैसले के बाद से देशभर में बैंकिंग यूजर्स में चर्चा तेज हो गई है। ICICI ने मेट्रो शहरों, सेमी अर्बन और ग्रामीण क्षेत्रों के हिसाब से अलग-अलग मिनिमम बैलेंस तय किया है, जिन्हें पूरा न करने पर पेनल्टी लगती है। आइए जानते हैं देश के बड़े बैंकों में मिनिमम बैलेंस की क्या- क्या लिमिटें हैं।

ICICI बैंक में मेट्रो और अर्बन क्षेत्रों में 50 हजार रुपये, सेमी अर्बन में 25 हजार और ग्रामीण क्षेत्रों में 10 हजार रुपये मिनिमम बैलेंस के तौर पर रखे जाने जरूरी हैं। अगर ग्राहक ये राशि नहीं रखते हैं तो पेनल्टी के रूप में 5 प्रतिशत या न्यूनतम 100 रुपये चार्ज किया जाता है।

दूसरी ओर, भारत का सबसे बड़ा सरकारी बैंक SBI ने 2020 में मिनिमम बैलेंस न रखने पर पेनल्टी खत्म कर दी है, जिससे ग्राहकों को राहत मिली है। हालांकि ICICI के अलावा कई प्राइवेट और सरकारी बैंक अभी भी मिनिमम बैलेंस की मांग करते हैं।

HDFC बैंक में शहरी व मेट्रो शहरों की शाखाओं के लिए 10 हजार रुपये, सेमी अर्बन के लिए 5 हजार और ग्रामीण शाखाओं के लिए 2,500 रुपये मिनिमम बैलेंस जरूरी है। यदि ये पूरा न किया गया तो अधिकतम 600 रुपये तक पेनल्टी लग सकती है।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में शहरी शाखाओं के लिए मिनिमम बैलेंस 1,000 रुपये (चेकबुक के साथ) और 500 रुपये (बिना चेकबुक) है। सेमी अर्बन में यह क्रमशः 500 और 250 रुपये तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 250 और 100 रुपये तय है।

एक्सिस बैंक में शहरी क्षेत्रों के लिए मिनिमम बैलेंस 12,000 रुपये, सेमी अर्बन में 5,000 रुपये और गांव-देहात की शाखाओं में 2,500 रुपये निर्धारित हैं।

इस तरह विभिन्न बैंकों की मिनिमम बैलेंस की मांग और पेनल्टी के नियम अलग-अलग हैं। इसलिए अपने बैंक खाते की शर्तों को समझना और समय-समय पर अपडेट रहना जरूरी है, ताकि अनावश्यक पेनल्टी से बचा जा सके।

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