April 21, 2026

वृंदावन में होली पर मुसलमानों के प्रवेश पर पाबंदी की मांग, सपा सांसद ने बीजेपी पर किया हमला

उत्तर प्रदेश के वृंदावन में एक हिंदूवादी संगठन द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से होली के अवसर पर ब्रज क्षेत्र के कार्यक्रमों में मुसलमानों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने की मांग ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मांग के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद सनातन पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर जोरदार हमला बोला है।

हिंदूवादी संगठन की मांग पर उठे विवाद

धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने रविवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले बरेली में मुस्लिम समाज के लोगों ने हिंदू समुदाय के लोगों को धमकियां दी थीं। इस घटना को लेकर धर्म रक्षा संघ ने यह निर्णय लिया कि ब्रज क्षेत्र के मथुरा, वृंदावन, नंदगांव, बरसाना, गोकुल और दाऊजी जैसे तीर्थस्थलों पर होली समारोह के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगाई जाए। उनका कहना था कि होली हिंदू धर्म का एक पवित्र और शांतिपूर्ण पर्व है, और वे नहीं चाहते कि मुस्लिम समुदाय के लोग इस त्योहार के दौरान रंग और गुलाल बेचने का व्यापार करें या होली की भीड़ में घुसकर हुड़दंग करें।

सपा सांसद ने बीजेपी पर साधा निशाना

इस विवाद के बाद सपा सांसद सनातन पांडेय ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग ऐसी मांग कर रहे हैं, वे भगवान श्री कृष्ण के अनुयायी नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, “भारत का संविधान धर्म और जाति के आधार पर किसी को भी किसी कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने की इजाजत नहीं देता है।” पांडेय ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी सत्ता के लिए हिंदुओं और मुसलमानों को बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इस मांग की कड़ी निंदा की और कहा कि यह असंवैधानिक और विभाजनकारी है।

आचार्य बद्रीश की विवादित मांग

धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय संयोजक आचार्य बद्रीश ने भी इस मामले में एक बयान दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि जैसे गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में जिहादियों और अलगाववादियों को गरबा नृत्य से दूर रखा गया, वैसे ही ब्रज क्षेत्र के होली समारोह से भी मुसलमानों को दूर रखा जाए। आचार्य ने कहा, “अगर उन्हें रंग-गुलाल से ऐतराज है, तो फिर उनकी यहाँ क्या जरूरत है?”

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुस्लिम समाज हिंदू समाज को लिखित आश्वासन देता है, तो उन्हें होली समारोह में शामिल होने में कोई आपत्ति नहीं है। उनका यह बयान इस विवाद को और गर्म कर गया है, क्योंकि यह एक ओर विवादित मुद्दे को जन्म देता है।

मुस्लिम पक्ष की प्रतिक्रिया

इस विवाद पर मुस्लिम पक्ष ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। शाही ईदगाह इंतजामिया कमेटी के सचिव और शाही ईदगाह-कृष्ण जन्मभूमि मामले में मुस्लिम पक्ष के पैरोकार तनवीर अहमद ने कहा कि ब्रज क्षेत्र में होली का पर्व हमेशा शांति और सौहार्द के साथ मनाया जाता रहा है। उन्होंने कहा, “यहाँ सदियों से कभी भी धर्म या जाति के आधार पर कोई विवाद नहीं हुआ है। ब्रज में तो महाकवि रसखान और ताज बीबी जैसे कृष्ण भक्तों के उदाहरण दिए जाते हैं। सरकार ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए उनके समाधि-स्थलों का जीर्णोद्धार किया है।”

अहमद ने कहा कि हाल ही में संपन्न महाकुंभ के दौरान भी मुस्लिम समुदाय ने अपनी मानवता का उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा, “मुस्लिमों ने स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं को अपने धर्मस्थलों पर आश्रय दिया और उनके खानपान की व्यवस्था की। यह सब दिखाता है कि ब्रज में होली शांति और सौहार्द के साथ मनाई जाएगी। ऐसे बयानों से समाज में भेद पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।”

सरकार की भूमिका पर सवाल उठे

तनवीर अहमद ने यह भी कहा कि इस प्रकार के बयानों से समाज में विघटन और नफरत फैल सकती है। उन्होंने धर्म रक्षा संघ के बयानों को निजी राय बताते हुए कहा कि इस पर प्रतिक्रिया देने का काम सरकार का है। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट जवाब देने की अपील की।

इस विवाद ने ब्रज क्षेत्र में होली के उत्सव के रूप में आने वाले समय में धार्मिक सद्भावना और शांति की भावना को खतरे में डालने की आशंका को जन्म दिया है। इस मामले में अब देखना यह होगा कि उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या इस विवाद का कोई समाधान निकलता है।

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