April 21, 2026

भारत में इस वर्ष होली का व्यापार 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है: पिछले वर्ष की तुलना में 20% अधिक, बाजार में जबरदस्त उत्साह

होली का त्यौहार अब पांच दिन दूर है, और इस वर्ष बाजार में होली की धूम मची हुई है। रंगों, मिठाइयों, पिचकारियों और गुलाल से सजे बाजारों में उपभोक्ताओं की भारी भीड़ दिख रही है, जो कि इस बार होली के व्यापार को नया रिकार्ड बनाने के संकेत दे रही है। कैट (कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स) के मुताबिक, इस साल होली का व्यापार 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 20 प्रतिशत अधिक है।

पिछले साल बाजार में होली के दौरान करीब 50,000 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था, जबकि इस साल की स्थिति अधिक उत्साहजनक है। व्यापारियों का मानना है कि इस बार होली के दौरान दिल्ली समेत अन्य प्रमुख शहरों में व्यापार में रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिल सकती है। दिल्ली में ही लगभग 8,000 करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान है। इस उत्साह का मुख्य कारण है भारतीय उत्पादों की ओर बढ़ता रुझान और चीन के बने सामान का बहिष्कार।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री और चांदनी चौक से भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि इस बार होली की त्योहारी बिक्री में चीन के बने सामान का व्यापारियों और ग्राहकों ने बहिष्कार किया है। लोग केवल भारत में बने हर्बल रंग, गुलाल, पिचकारी, गुब्बारे, चंदन, पूजा सामग्री और परिधान खरीद रहे हैं। इसका असर सीधे भारतीय उत्पादकों और विक्रेताओं पर पड़ा है, और उन्हें जबरदस्त लाभ हो रहा है। खासकर हर्बल रंगों की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है, जिससे भारतीय उत्पादकों को बहुत फायदा हो रहा है।

भारत में इस वर्ष होली का त्यौहार उत्साह और उमंग के साथ मनाने के साथ-साथ बाजारों में भी तेजी का माहौल है। रंग, गुलाल, मिठाइयां, और होली खेलने के लिए विशेष कपड़ों की बाजारों में सबसे ज्यादा मांग देखी जा रही है। इसके साथ ही, व्यापारियों का मानना है कि होली के बाद नवरात्रि तक बाजार में यह उत्साह और भी बढ़ सकता है।

इस वर्ष का होली व्यापार न केवल भारतीय उत्पादों को प्रमोट कर रहा है, बल्कि देश के व्यापारियों के लिए भी यह एक शानदार अवसर साबित हो रहा है।

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