‘वॉशरूम तक में पानी नहीं’, कराची एयरपोर्ट की दुर्दशा पर भड़कीं पाकिस्तानी एक्ट्रेस, बोलीं – किस बात का फख्र?
पाकिस्तान में ढहते बुनियादी ढांचे की पोल अब उनके अपने ही सितारे खोल रहे हैं। मशहूर पाकिस्तानी अभिनेत्री हिना ख्वाजा ब्यात ने कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दयनीय स्थिति पर सवाल उठाए हैं। खास बात यह है कि ये बयान उन्होंने यौम-ए-तकबीर जैसे राष्ट्रीय गौरव के दिन दिया, जिससे पाकिस्तान की अंदरूनी हालत पर एक बड़ा कटाक्ष बन गया।
एयरपोर्ट के हालात पर भड़कीं हिना
हिना ख्वाजा ब्यात ने गुरुवार को कराची एयरपोर्ट से एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने कहा:
> “आज यौम-ए-तकबीर है और मुझे अफसोस हो रहा है कि इस खास दिन पर कराची एयरपोर्ट जैसे अहम स्थान पर वॉशरूम में पानी तक नहीं है। लोग वुज़ू करना चाह रहे हैं, बच्चे बाथरूम जाना चाह रहे हैं लेकिन कोई सुविधा नहीं है।”
उन्होंने एयरपोर्ट की अव्यवस्था को देश के सिस्टम की नाकामी बताया और पूछा कि “नई ट्रेनें, बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स की बात करने वाले अधिकारी पुराने सिस्टम तक तो संभाल नहीं पा रहे हैं।”
देश की असल तस्वीर सामने आई
हिना ने सिर्फ एयरपोर्ट ही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की खामियों की ओर इशारा किया और यह भी कहा कि किसी को मानने की हिम्मत नहीं है कि हम गलत हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस स्तर पर बुनियादी ज़रूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं, तो देश को किस बात पर गर्व है?
भारत में हो रहा वायरल
इस वीडियो के सामने आने के बाद भारत में सोशल मीडिया पर यह तेज़ी से वायरल हो रहा है। कई भारतीय यूज़र्स ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। खासतौर पर इस वक्त जब भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के जवाब में सिंधु जल संधि को निलंबित किया है, तब इस वीडियो को पाकिस्तान की आंतरिक कमजोरी के सबूत के तौर पर देखा जा रहा है।
लोगों का कहना है – “जिस देश में एयरपोर्ट पर पानी नहीं है, वो भारत से लड़ाई की बात कर रहा है?” कुछ यूज़र्स ने यह भी लिखा – “अपने ही लोग अब पाकिस्तान की पोल खोल रहे हैं, भारत को कुछ कहने की ज़रूरत ही नहीं है।”
नसीहत भी मिली
हिना के वीडियो पर पाकिस्तानियों की भी मिली-जुली प्रतिक्रिया है। कुछ लोगों ने उनकी ईमानदारी की सराहना की, तो कुछ ने इसे देश को बदनाम करने वाला कदम बताया। हालांकि एक बड़ा वर्ग यही कह रहा है कि अब वक्त आ गया है जब पाकिस्तान को अपने घर की हालत पहले ठीक करनी चाहिए।
हिना ख्वाजा ब्यात का बयान सिर्फ एक एयरपोर्ट की खराब व्यवस्था नहीं दिखाता, बल्कि पाकिस्तान के व्यवस्था और प्राथमिकताओं पर एक कठोर सवाल भी खड़ा करता है – जब बुनियादी ज़रूरतें ही पूरी नहीं हो रही, तो शेख़ी किस बात की?
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