लाइट गई… लिफ्ट में बच्चा फंसा… पिता दौड़े, लेकिन लौटे नहीं…
भोपाल की एक पॉश कॉलोनी में सोमवार रात घटी एक घटना ने पूरे मोहल्ले को स्तब्ध कर दिया। जाटखेड़ी स्थित निरूपम रॉयल फार्म विला के टॉवर नंबर-1 में रहने वाले 51 वर्षीय रिषीराज भटनागर की मौत एक ऐसी घबराहट और दौड़ में हो गई, जिसका कारण उनके 8 साल के बेटे की जान बचाना था।
रात करीब 10:30 बजे, रिषीराज अपने बेटे देवांश के साथ टहलने निकले थे। कुछ देर बाद उन्होंने बेटे को फ्लैट भेज दिया। देवांश लिफ्ट में सवार हुआ ही था कि अचानक बिजली गुल हो गई। लिफ्ट वहीं अटक गई और बच्चा अंदर फंस गया।
यह सुनकर रिषीराज घबरा गए। वे गार्ड रूम की ओर जनरेटर चालू कराने के लिए दौड़ पड़े। गार्ड से तेज़ आवाज़ में बोले, “जनरेटर चालू करो, मेरा बेटा फंसा है।” इसी बीच उनके सीने में तेज़ दर्द उठा और वो वहीं बेहोश होकर गिर पड़े।
तीन मिनट बाद बिजली लौट आई और देवांश लिफ्ट से सुरक्षित बाहर आ गया, लेकिन तब तक उसके पिता अचेत अवस्था में पड़े थे। पड़ोसियों और परिजनों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का कहना है कि रिषीराज को जनरेटर चालू करते वक्त करंट लगा था। जबकि पुलिस फिलहाल इसे हार्ट अटैक मान रही है। मिसरोद थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।
रिषीराज का परिवार—पत्नी, एक बड़ा बेटा हर्षित और छोटा बेटा देवांश—इस वक्त गहरे सदमे में है। पत्नी एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं, और खुद रिषीराज इंश्योरेंस और प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े हुए थे।
इस हृदयविदारक हादसे ने कॉलोनी के हर व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया है। लोग अब भी यही सोच रहे हैं कि अगर बिजली गई न होती, या लिफ्ट में बच्चा न फंसा होता, तो शायद आज रिषीराज जिंदा होते।
एक पिता अपने बेटे को बचाने दौड़ा… लेकिन अपनी जान गंवा बैठा।
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