सीने में दर्द: हार्ट अटैक हो सकता है या गैस, मांसपेशी या तनाव की समस्या? डॉक्टर से जानिए कैसे करें पहचान और बचाव
सीने में दर्द को लेकर अक्सर लोग चिंता में आ जाते हैं और इसे तुरंत हार्ट अटैक समझ लेते हैं, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। हार्ट अटैक के अलावा गैस, मांसपेशियों की चोट, फेफड़ों की समस्या या मानसिक तनाव भी सीने में दर्द का कारण बन सकते हैं। राजीव गांधी अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजीत जैन ने बताया कि हार्ट अटैक में तेज और दबाव जैसा दर्द होता है, जो बाएं कंधे, गर्दन या हाथों तक फैल सकता है। इसके साथ पसीना आना, सांस फूलना, जी मिचलाना जैसे लक्षण भी दिखते हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क जरूरी है।
गैस की समस्या में पेट फूलना, डकार आना और खाना खाने के बाद दर्द होना आम बात है, जो शरीर की स्थिति बदलने पर कम भी हो सकता है। मांसपेशियों या पसलियों की चोट से छाती में दर्द तब होता है जब दबाने या खांसने पर दर्द बढ़ता है। मानसिक तनाव या पैनिक अटैक के कारण भी सीने में कसाव, घबराहट और पसीना आ सकता है, जो कुछ देर में ठीक हो जाता है लेकिन बार-बार हो तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
बचाव के लिए अगर दर्द के साथ सांस फूलना, पसीना आना, उल्टी या चक्कर आना हो या दर्द लगातार तेज हो तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। खुद से दवा लेने से बचें और हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही इलाज कराएं।
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