सर्वाइकल और स्पाइन की तकलीफ से राहत पाने के लिए अपनाएं रामदेव के ये रामबाण उपाय
बढ़ती रीढ़ की समस्याएं और खराब जीवनशैली का असर
आजकल सर्वाइकल और स्पाइन से जुड़ी दिक्कतें आम हो गई हैं। खासकर युवा वर्ग भी अब इस दर्द से जूझ रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है खराब जीवनशैली—गलत पॉश्चर, अधिक वजन, घंटों मोबाइल और कंप्यूटर के सामने बैठना और व्यायाम की कमी। यही कारण है कि भारत में हर 100 में से 80 लोग सर्वाइकल, स्पॉन्डिलाइटिस, स्लिप डिस्क, साइटिका, फ्रोजन शोल्डर या वर्टिगो जैसी समस्याओं से परेशान हैं।
स्पाइन का महत्व और इससे जुड़ा पूरा शरीर
स्पाइन हमारे शरीर का आधार स्तंभ है, जिससे ब्रेन और नर्वस सिस्टम जुड़े होते हैं। अगर इसमें गड़बड़ी होती है तो पूरे शरीर की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। स्पाइनल कॉर्ड को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि यह पूरे शरीर की नसों का संचालन करता है।
भविष्य में और भी गंभीर हो सकता है हालात
फिलहाल दुनिया में करीब 62 करोड़ लोग कमर दर्द से पीड़ित हैं और यह आंकड़ा हर साल बढ़ रहा है। पिछले 4 साल में इसमें 36% की बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2050 तक यह संख्या 84 करोड़ तक पहुंच सकती है, अगर लोग अपने शरीर की सही देखभाल नहीं करते।
रामदेव के योग से मिल सकती है राहत
स्वामी रामदेव के अनुसार, 95% कमर और गर्दन के दर्द योग के ज़रिए ठीक किए जा सकते हैं। वे कहते हैं कि रोजाना सिर्फ 20-30 मिनट योग और प्राणायाम करने से रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाया जा सकता है।
ये योगासन होंगे फायदेमंद
रामदेव द्वारा सुझाए गए कुछ प्रमुख योगासन हैं — भुजंगासन, शलभासन, मकरासन, सेतुबंधासन, ताड़ासन और हलासन। ये रीढ़ को लचीलापन देने के साथ-साथ दर्द को भी कम करते हैं।
प्राणायाम से मिलती है नर्वस सिस्टम को ताकत
अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी जैसे प्राणायाम मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम को एक्टिव रखते हैं और मानसिक तनाव भी घटाते हैं, जो स्पाइन से जुड़ी कई समस्याओं का कारण बनता है।
जीवनशैली में बदलाव भी है जरूरी
रामदेव का मानना है कि योग के साथ-साथ लोगों को अपने वजन को नियंत्रण में रखना चाहिए, संतुलित आहार लेना चाहिए और डिजिटल डिवाइसेज़ का सीमित इस्तेमाल करना चाहिए। इससे रीढ़ को ज्यादा दबाव नहीं झेलना पड़ेगा।
अब भी समय है संभलने का
अगर समय रहते लोग योग और सही जीवनशैली को अपनाएं तो आने वाले वर्षों में बढ़ती स्पाइन प्रॉब्लम्स को रोका जा सकता है। शरीर को स्वस्थ और सक्रिय रखने का सबसे सस्ता और असरदार उपाय योग ही है।
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