हरियाणा में राज्यसभा सीटों पर कड़ा मुकाबला, निर्दलीय उम्मीदवार के उतरने से होगा वोटिंग से फैसला
हरियाणा में दो राज्यसभा सीटों को लेकर सियासी मुकाबला अब दिलचस्प हो गया है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह तय हो गया है कि इन सीटों का फैसला अब वोटिंग के जरिए होगा। दरअसल, बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवारों के साथ निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है, जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया और ज्यादा रोमांचक बन गई है।
निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल ने नामांकन दाखिल करते समय दावा किया कि उन्हें कई विधायकों का समर्थन मिलेगा। उनके साथ निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल, देवेंद्र कादियान और राजेश जून भी मौजूद रहे। नांदल ने कहा कि वह सभी दलों के विधायकों से समर्थन मांगेंगे और चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरेंगे। उनके चुनाव मैदान में आने से पहले माना जा रहा था कि एक सीट बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी।
वहीं कांग्रेस ने हरियाणा से दलित नेता कर्मवीर बौद्ध को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। उनके नामांकन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पार्टी की एकजुटता दिखाने की कोशिश की। पार्टी नेताओं ने कहा कि उम्मीदवार का चयन शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर किया गया है और सभी विधायक एकजुट होकर उनका समर्थन करेंगे।
दूसरी ओर बीजेपी की तरफ से संजय भाटिया ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है। उनके साथ मुख्यमंत्री नायब सैनी और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी मौजूद रहे। वहीं हिमाचल प्रदेश की बात करें तो वहां स्थिति अलग है। हिमाचल की एकमात्र राज्यसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा की जीत लगभग तय मानी जा रही है, क्योंकि बीजेपी ने वहां पर्याप्त संख्या न होने के कारण अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है।
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