हापुड़ में सूटकेस से मिला 45 वर्षीय महिला का सड़ा-गला शव, रजवाहे में बहता हुआ मिला, कातिल अब तक रहस्य बना
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रौंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। जिले के पिलखुवा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिखेड़ा रजवाहे में गुरुवार सुबह एक संदिग्ध सूटकेस दिखाई दिया, जो पानी में बहता हुआ किनारे पर फंसा हुआ था। जब स्थानीय राहगीरों ने इसे खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए—सूटकेस के अंदर एक महिला का सड़ा-गला शव मौजूद था।
मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद पिलखुवा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम के साथ सूटकेस की जांच की। पुलिस ने बताया कि मृतका की उम्र लगभग 45 वर्ष प्रतीत हो रही है और शव करीब एक सप्ताह पुराना है। शव की हालत देखकर यह स्पष्ट है कि महिला की हत्या कहीं और करने के बाद, उसे ठिकाने लगाने के इरादे से सूटकेस में डालकर रजवाहे में फेंका गया।
पिलखुवा कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर पटनीश कुमार यादव ने बताया, “हमें रजवाहे में एक सूटकेस होने की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंचकर सूटकेस को निकाला गया और जांच में पाया गया कि उसमें महिला का शव था। शव को फॉरेंसिक जांच के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतका की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है और मामले की गहन जांच जारी है।”
फिलहाल, पुलिस ने महिला की पहचान के लिए जिले भर के थानों से गुमशुदगी की रिपोर्ट मंगाई है और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। वहीं शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस मान रही है कि हत्या 6-7 दिन पहले की गई होगी और शव को रजवाहे में बहा देने का मकसद सबूत मिटाना हो सकता है।
यह घटना न केवल एक संगीन अपराध की ओर इशारा करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि हत्यारा अब तक कानून की पकड़ से बाहर है। महिला कौन थी, उसकी पहचान क्या है, उसका कातिल कौन है और हत्या के पीछे क्या वजह थी—इन सभी सवालों के जवाब अब पुलिस की जांच पर निर्भर हैं।
इलाके में इस घटना के बाद से भय और सनसनी का माहौल बना हुआ है। लोग स्तब्ध हैं कि इतनी नृशंस हत्या के बाद शव को इस बेरहमी से फेंक दिया गया, जैसे किसी की जान की कोई कीमत ही न हो। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि अगर किसी को महिला की पहचान या किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में जानकारी हो, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
हापुड़ का यह मामला एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि पुलिस इस गुत्थी को कितनी जल्दी सुलझा पाती है और क्या पीड़िता को इंसाफ मिल पाएगा।
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